लव इंडिया, मुरादाबाद। मुरादाबाद में नगर निगम ने बकायेदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी विभागों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। कांठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर ₹76,83,487.74 का संपत्ति कर बकाया पाया गया है, जिसे लेकर निगम ने कुर्की और नीलामी की चेतावनी दी है।

मुरादाबाद में नगर निगम की सख्ती अब सीधे सरकारी महकमों तक पहुंच गई है। जहां एक ओर आम जनता से समय पर टैक्स जमा कराने के लिए सख्त अभियान चलाया जाता है, वहीं दूसरी ओर खुद सरकारी विभागों पर लाखों-करोड़ों रुपये का बकाया सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

नगर निगम द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, कांठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर ₹76,83,487.74 का संपत्ति कर बकाया है। यह रकम लंबे समय से जमा नहीं की गई, जिसके चलते अब निगम ने सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि जल्द ही बकाया राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित संपत्ति के खिलाफ कुर्की और नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के इस संपत्ति की खरीद-फरोख्त भी नहीं की जा सकेगी।

⚠️ नगर निगम का सख्त रुख
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। चाहे बकायेदार आम नागरिक हो या सरकारी विभाग—सभी पर एक समान नियम लागू होंगे।
निगम लगातार ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर रहा है, जहां लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया गया है, और उन पर सीलिंग, कुर्की और नीलामी जैसी कार्रवाई की जा रही है।
📌 बड़ा सवाल
👉 जब सरकारी विभाग ही टैक्स अदा नहीं कर रहे, तो आम जनता पर कार्रवाई कितनी न्यायसंगत?👉 क्या यह लापरवाही नहीं कि लाखों-करोड़ों का बकाया वर्षों तक लंबित रहा?👉 जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय क्यों नहीं?
📊 आगे क्या होगा?
बकाया न जमा होने पर संपत्ति कुर्क की जाएगी
नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकती है
अन्य विभागों पर भी इसी तरह की कार्रवाई संभव
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