मेरठ में सोनू कश्यप को जिंदा जलाने के विरोध में मुरादाबाद में उग्र प्रदर्शन, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। मेरठ में 5 जनवरी 2026 को सोनू कश्यप (उर्फ रानू कश्यप) को कथित तौर पर पीटकर जिंदा जलाने की घटना के खिलाफ मंगलवार को मुरादाबाद में व्यापक विरोध प्रदर्शन के तहत धरना-प्रदर्शन किया। तुरैहा, कश्यप और निषाद समाज के सैकड़ों लोग डॉ. अंबेडकर पार्क, सिविल लाइंस में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया।

✍️तुरैहा–कश्यप–निषाद समाज ने डीएम कार्यालय तक मार्च किया स्वतंत्र जांच, मुआवज़ा और सरकारी नौकरी की मांग
प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को मानवता के खिलाफ अपराध और संविधान के अनुच्छेद–21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन बताते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा और उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा गवाहों की सुरक्षा की मांग की।

✍️घटना की पृष्ठभूमि — क्या हुआ मेरठ में
कार्यक्रम संयोजक कुलदीप सिंह तुरैहा ने बताया कि 5 जनवरी 2026 को मेरठ जिले में सोनू कश्यप के साथ हुई हिंसक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पहले युवक को बुरी तरह पीटा गया, लूटा गया और फिर जिंदा जला दिया गया। इसे समुदाय ने “अमानवीय और सुनियोजित हत्या” करार दिया है।
✍️संवैधानिक मुद्दा — अनुच्छेद 21 का हवाला
कार्यक्रम संयोजक कुलदीप सिंह तुरैहा का कहना है कि यह घटना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर खतरा हैं।

✍️प्रभावित समुदायों की प्रतिक्रिया
तुरैहा, कश्यप, निषाद, दलित और अन्य पिछड़े वर्गों के संगठनों ने इसे पूरे मछुआरा और श्रमिक समाज पर हमला बताया। नेताओं ने कहा कि समुदाय भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।
✍️मुरादाबाद में प्रदर्शन की शुरुआत
मंगलवार सुबह सिविल लाइंस स्थित डॉ. अंबेडकर पार्क में समाज के लोग कार्यक्रम संयोजक कुलदीप सिंह तुरैहा के नेतृत्व में जुटे। यहां से आंदोलन का औपचारिक आगाज हुआ।
✍️गगनभेदी नारे और पोस्टर मार्च
प्रदर्शनकारियों ने “सोनू कश्यप हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं”, “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारे लगाए। कई लोगों के हाथों में “तुरैहा अनुसूचित जाति समाज” और “सोनू कश्यप के हत्यारों को फांसी दो” लिखी पट्टिकाएं थीं।

✍️जुलूस का मार्ग और जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च
जुलूस डॉ. अंबेडकर पार्क से निकलकर बिजलीघर, ताज महल होटल मार्ग, कमिश्नर तिराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। रास्ते भर नारेबाजी जारी रही।
✍️राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया
जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी को राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें घटना की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच और पुलिस की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की गई।

✍️आंदोलन की चेतावनी और आगे की रणनीति
समाज के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा। अन्य जिलों में भी प्रदर्शन की तैयारी की बात कही गई।
✍️प्रशासन से अपेक्षा
प्रदर्शनकारियों ने भरोसा जताया कि राष्ट्रपति और राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए त्वरित न्याय सुनिश्चित करेंगी।
✍️ज्ञापन की प्रमुख मांगें
स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच
सभी आरोपियों (फरार सहित) पर कड़ी कार्रवाई
पीड़ित परिवार को ₹50 लाख आर्थिक सहायता
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
गवाहों व परिवार को पूर्ण सुरक्षा
पुलिस व्यवस्था में सुधार व निष्पक्षता

इस दौरान, कुलदीप तुरैहा, प्रदीप कश्यप, आचार्य नरेंद्र कश्यप, डॉ राजकुमार तुरैहा, सौरभ कश्यप, भीम सैन कश्यप, विनोद तुरैहा, बलवीर सिंह, उमेश तुरैहा, जितेंद्र कश्यप तुरैहा, रिंकू तुरैहा, टेक चंद्र कश्यप, गुड्डू कश्यप व अन्य कश्यप समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे।

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