लव इंडिया, मुरादाबाद। मुरादाबाद में पंचायत चुनाव में हो रही देरी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को भारतीय लोकतंत्र बचाओ मोर्चा (रजि.) के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

विकास कार्य और प्रशासनिक जवाबदेही प्रभावित
मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पंचायत चुनाव समय पर न होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है और इससे जनता के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि चुनाव में देरी से स्थानीय स्तर पर विकास कार्य और प्रशासनिक जवाबदेही प्रभावित हो रही है।
क्या है मुख्य मुद्दा

मोर्चा ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट कहा कि पंचायत चुनाव में लगातार देरी लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर कर रही है। ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव एक साथ कराए जाएं। राज्य सरकार तत्काल अधिसूचना जारी कर चुनाव प्रक्रिया शुरू करे।यह मुद्दा केवल चुनाव तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय शासन और विकास की रफ्तार से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
राजनीतिक संदेश और दबाव की रणनीति
विशेषज्ञों के अनुसार, पंचायत चुनाव को लेकर इस तरह के प्रदर्शन आगामी राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं। मोर्चा ने साफ संकेत दिया कि अगर जल्द चुनाव नहीं कराए गए तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
प्रदर्शन में क्या हुआ

कलक्ट्रेट परिसर में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं में सरकार के खिलाफ नाराजगी साफ देखी गई।
क्या बोले प्रदर्शनकारी
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा “पंचायत चुनाव में देरी सरकार की विफलता को दर्शाती है।” “अगर समय रहते चुनाव नहीं कराए गए तो जनता का विश्वास कमजोर होगा।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है। हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पंचायत चुनाव में देरी का मुद्दा अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और जनहित का बड़ा विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस पर और तेज विरोध देखने को मिल सकता है।
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