आबकारी की छापेमारी में सामने आए थे अनियमितता के मामले

लव इंडिया, मुरादाबाद। जनपद में निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर शराब बेचने (ओवररेटिंग) के आरोपों के बाद आबकारी विभाग की टीम ने हाल ही में कई दुकानों पर जांच अभियान चलाया था। जांच के दौरान कुछ दुकानों पर अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि हुई, लेकिन अब तक अंतिम कार्रवाई का इंतजार बना हुआ है।
उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद हुई थी जांच

सूत्रों के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों से शराब की दुकानों पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद आबकारी विभाग ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिलिंग रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और बिक्री दरों की जांच की गई। कुछ मामलों में निर्धारित दर से अधिक वसूली की पुष्टि भी बताई जा रही है।
कार्रवाई की प्रक्रिया जारी

आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन दुकानों पर अनियमितताएं मिली हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी मिली है। हालांकि अभी तक जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या अन्य दंडात्मक कार्रवाई को लेकर अंतिम आदेश जारी नहीं हुआ है।
उपभोक्ताओं में नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में ओवररेटिंग की पुष्टि हो चुकी है, तो कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि शराब दुकानों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
नियम क्या कहते हैं..?

आबकारी नियमों के अनुसार, शराब की बोतलों पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक वसूली करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन, जुर्माना या रद्दीकरण तक की कार्रवाई संभव है।
प्रशासन की सख्ती का इंतजार

अब निगाहें आबकारी विभाग की अंतिम कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि सख्त कदम उठाए जाते हैं तो यह उपभोक्ताओं के हित में एक सकारात्मक संकेत माना जाएगा।
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