CBI अफसर बनकर NIA और रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा, 20 लाख की ठगी… सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज

📍 चार-चार लाख के दो चेक दिए, बैंक में लगाए तो पहले ही करा दिए कैंसिल… पीड़ित ने लोन लेकर दिया था पैसा


उमेश लव, लव इंडिया,मुरादाबाद। मुरादाबाद में खुद को CBI का अफसर बताकर NIA और रेलवे में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच में जुट गई है।


🧩 क्या है पूरा मामला..?


पीड़ित तसव्वुर अजीम व मनव्वर अजीम पुत्रगण शरीफ अहमद ( ग्राम व पोस्ट सुआवाला थाना अफजलगढ जनपद बिजनौर के निवासी) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आरोपी रिहासत हुसैन पुत्र शराफत हुसैन (निवासी 34 मोहरा मुस्तकम मुरादाबाद थाना सिविल लाईन जनपद मुरादाबाद) ने खुद को CBI का अधिकारी बताया और कहा कि वह NIA और रेलवे में सरकारी नौकरी लगवा सकता है।
इसके और इसके भाई गुलजार पुत्र शराफत हुसैन द्वारा हमें फोन आया कि आपके भाई की सरकारी एनआईए में और मेरी नौकरी रेलवे में लगवाने की बात कही गई और कहा गया कि जिसमें समय सीमा लगभग 3 साल लगेंगे और जो पैसा देना होगा किस्तो में देना होगा।

बैंक से लोन लेकर दी रकम

आरोपी ने भरोसा दिलाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में समय लगेगा लेकिन नौकरी पक्की है। बताया गया है कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच किश्तों में करीब 20 लाख रुपये आरोपी और उसके भाई को दिए गए। रकम बैंक ट्रांजैक्शन और नकद दोनों माध्यमों से दी गई। पीड़ित का दावा है कि उसने यह पैसा बैंक से लोन लेकर दिया था।


💸 चेक बाउंस से खुला राज


जब नौकरी नहीं लगी और पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने चार-चार लाख रुपये के दो चेक दिए।
लेकिन जब पीड़ित ने बैंक में चेक लगाए, तो पता चला कि चेक पहले ही कैंसिल कराए जा चुके थे। इसके बाद आरोपी टालमटोल करने लगा और कथित रूप से धमकी भी दी।


⚖️ पुलिस ने क्या किया..?


मामले की गंभीरता को देखते हुए मुरादाबाद के सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर के अनुसार जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपी की भूमिका, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

🚔 पुलिस की कार्रवाई

सिविल लाइन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बैंक लेन-देन का विवरण खंगाला जा रहा है।कॉल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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