‘दुबई में लाखों की नौकरी’ का झांसा: खजूर पैकिंग की जगह बकरी-गधे चराने भेजा, युवक लौटा तो धमकियां

उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। जनपद के थाना मैनाठेर में दर्ज एक रिपोर्ट ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और शोषण का गंभीर मामला उजागर किया है। आरोप है कि गांव के एजेंट ने दुबई में खजूर पैकिंग की ऊंची सैलरी का सपना दिखाकर युवक से लाखों रुपये लिए, लेकिन वहां पहुंचने पर उसे शेखों के यहां बकरी और गधे चराने तथा साफ-सफाई जैसे काम में लगा दिया गया। विरोध करने पर धमकियां दी गईं। पीड़ित अब भारत लौट आया है और न्याय की गुहार लगा रहा है।

कौन है पीड़ित, कहां दर्ज हुई रिपोर्ट


पीड़ित के पिता अहमद हसन, पुत्र श्री दुल्हा, निवासी ग्राम लालपुर बस्तौर, थाना मैनाठेर, जिला मुरादाबाद ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनके पुत्र मोमिन को दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया। मामले में थाना मैनाठेर में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है।


किसने दिखाए सपने: एजेंट और सहयोगी नामजद


रिपोर्ट के मुताबिक, गांव के एजेंट सलमान (पुत्र नसीम अहमद, निवासी ग्राम बगिया सागर, थाना छजलैट, जिला मुरादाबाद) ने दावा किया कि दुबई में खजूर पैकिंग का काम मिलेगा, 8 घंटे ड्यूटी और 4 घंटे ओवरटाइम के साथ अच्छी कमाई होगी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सलमान के साथ उसके भाई शादाब, साजिद और पिता नसीम अहमद भी इस प्रक्रिया में शामिल थे।


रकम का लेन-देन: 1.42 लाख ऑनलाइन, बाकी नकद

एफआईआर के अनुसार: लगभग 2,00,000 रुपये खर्च बताकर सौदा तय किया गया। 1,42,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। शेष रकम नकद दी गई। 15.12.2025 को एजेंटों के माध्यम से युवक को दुबई भेज दिया गया।

दुबई पहुंचते ही बदली हकीकत


परिवार का आरोप है कि दुबई पहुंचने पर खजूर पैकिंग के बजाय: बकरी और गधे चराने, पशुओं की देखभाल और साफ-सफाई जैसे काम कराए गए।


8 घंटे की जगह 11-11 घंटे काम लिया गया

जब युवक ने विरोध किया तो कथित तौर पर कहा गया — “यही काम करना होगा, ज्यादा बोले तो अंजाम बुरा होगा।”
वापसी और धमकियां पीड़ित परिवार ने बताया कि बेटे की परेशानी सुनकर 20.01.2026 को निजी खर्च पर उसे वापस बुलाया गया।

रकम वापस नहीं की गई

वापसी के बाद जब एजेंटों से खर्च की रकम वापस मांगी गई तो कथित तौर पर मारपीट पर उतारू हो गए और जान से मारने की धमकी दी। थाने में शिकायत के बाद 40,000 रुपये लौटाने की बात तय हुई थी, लेकिन आरोप है कि अब तक रकम वापस नहीं की गई।

मानव तस्करी या नौकरी ठगी?


कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को झूठे वादों से विदेश भेजा गया और वहां अनुबंधित काम के बजाय अन्य कार्य कराया गया, तो यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है, जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी और मानव तस्करी जैसे पहलुओं की जांच जरूरी होती है।

पीड़ित मोमिन का बयान
भारत लौटे युवक मोमिन ने बताया:
“मुझे कहा गया था कि दुबई में खजूर पैकिंग का काम मिलेगा और अच्छी सैलरी होगी। वहां पहुंचने पर मुझे जानवर चराने और साफ-सफाई के काम में लगा दिया गया। विरोध करने पर डराया-धमकाया गया। मैं बहुत मानसिक तनाव में था। परिवार ने कर्ज लेकर मुझे वापस बुलाया। अब मैं चाहता हूं कि मेरे साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो।”


पुलिस का पक्षःसाक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी


थाना मैनाठेर पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। रकम के लेन-देन, पासपोर्ट/वीजा प्रक्रिया और दुबई में कराए गए काम की सत्यता की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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