Maha Kumbh पर PM Modi की निगरानी, CM Yogi से की चौथी बार बात


प्रयागराज महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर भारी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचे। 10 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान संगम नोज पर भगदड़ की स्थिति बनी, जिसमें कुछ श्रद्धालु घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। राहत कार्य जारी हैं और घायल श्रद्धालुओं का इलाज मेला क्षेत्र में स्थित अस्पतालों में किया जा रहा है।

महाकुंभ भगदड़ पर नेताओं का शोक, प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार की अपील


प्रयागराज महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के मौनी अमावस्या के अवसर पर भगदड़ की घटना हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और स्थिति की जानकारी ली। विपक्षी दलों के नेताओं ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की अपील की। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खरगे, और आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने घायलों को शीघ्र चिकित्सा सेवा देने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वीआईपी मूवमेंट और बदइंतजामी के कारण यह हादसा हुआ।

प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़, 15 हताहत, स्थिति नियंत्रण में


प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना में 15 लोग हताहत हुए हैं, जबकि कई अन्य बेहोश होकर अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। राहत कार्य जारी है और प्रशासन ने स्थिति को काबू में किया है। भारी भीड़ के कारण निरंजनी अखाड़े ने स्नान जुलूस रोक दिया है। पीएम मोदी ने सीएम योगी से हादसे की जानकारी ली है। हताहतों को अस्पताल भेजा गया है और सेना तथा एनएसजी ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की है।

महाकुंभ में भगदड़ के बाद अस्पताल में हंगामा, दो दर्जन से अधिक लोग लापता


महाकुंभ में भगदड़ के बाद केंद्रीय चिकित्सालय में चीख-पुकार मची रही। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग लापता हैं। परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने निकास द्वार बंद कर दिए थे, जिससे भगदड़ मच गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, शवों का पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा और सभी मौतें दम घुटने से हुई हैं। मेला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया है।

महाकुंभ में गाय को राष्ट्र माता और संस्कृत को हिंदुओं की भाषा घोषित करने की अपील


महाकुंभ में आयोजित परम धर्म संसद में गाय को राष्ट्र माता और संस्कृत को हिंदुओं की भाषा घोषित करने के लिए हुंकार भरी गई। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में आयोजित इस कार्यक्रम में द्वारकापीठ, ज्योतिर्मठ और श्रृंगेरीपीठ के शंकराचार्य एक मंच पर उपस्थित थे। द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि संस्कृत सनातनी भाषा है और गाय की सेवा ही हिंदुत्व का हिस्सा है। श्रृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विद्युशेखर भारती ने गौहत्या की निंदा करते हुए कहा कि इसके रुकने तक देश में सुख और शांति संभव नहीं है।

डुबकी मैंने लगाई और ठंड खरगे को लग गई; गंगा वाले बयान पर अमित शाह का तंज


हाल ही में खरगे ने मध्य प्रदेश के मऊ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल उठाया था कि क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होती है, खाना मिलता है? उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है। हालांकि उन्होंने इसके बाद यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि वह किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते। वहीं अमित शाह ने मंगलवार को पलटवार करते हुए कहा, अभी कल मैंने महाकुंभ में गंगा की डुबकी लगाई, लेकिन डुबकी मैंने लगाई और ठंड खरगे जी को लग गई। वो कह रहे हैं कि गंगा में डुबकी लगाने से गरीबों का भला नहीं होगा। अमित शाह ने आगे कहा, खरगे साहब, आपने पूरा जीवन डुबकी नहीं लगाई, लेकिन आपने गरीबों का क्या भला किया।


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