वैलेंटाइन डे पर मुरादाबाद में हिंदू युवक संग मुस्लिम युवती को पकड़ा, बंधवाई राखी और पैर छुपवाए

उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। वैलेंटाइन डे के अवसर पर महानगर में कुछ हिंदूवादी संगठनों ने ‘पाश्चात्य संस्कृति के विरोध’ के नाम पर होटल, रेस्टोरेंट और पार्कों में अभियान चलाया। इस दौरान कंपनी बाग पार्क में एक हिंदू युवक और मुस्लिम युवती को पकड़ा और पूछताछ के बाद मुस्लिम युवती से हिंदू युवक को राखी बंधवाई और हिंदू युवक से मुस्लिम युवती के पैर छुपवाए। राखी बंधवाने की घटना चर्चा का विषय बन गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पार्क में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं ने युवक-युवती से उनके संबंधों के बारे में सवाल किए। बताया जा रहा है कि युवक हिंदू समुदाय से और युवती मुस्लिम समुदाय से संबंधित थी। विवाद के बाद युवती से युवक को राखी बंधवाई गई और युवक से युवती के पैर छुवाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों को जाने दिया गया।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का कोई आधिकारिक वीडियो या पुलिस बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज रही।

संगठनों का दावा: “संस्कृति संरक्षण का अभियान”
यह अभियान राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना और राष्ट्रीय महिला परिषद की प्रदेश अध्यक्ष वंदना शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य “भारतीय संस्कृति की रक्षा” करना था और वे वैलेंटाइन डे को पाश्चात्य प्रभाव मानते हैं।
संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कंपनी बाग और आसपास के पार्कों में ‘सर्च ऑपरेशन’ चलाया। उनके अनुसार, अधिकतर स्थानों पर कोई आपत्तिजनक स्थिति नहीं मिली।

दूसरा मामला: शादी तय होने की जानकारी पर छोड़ा जोड़ा
इसी अभियान के दौरान एक अन्य जोड़े को भी रोके जाने की जानकारी सामने आई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि परिजनों से बातचीत के बाद पता चला कि दोनों की शादी/निकाह तय हो चुका है, जिसके बाद उन्हें बिना किसी विवाद के जाने दिया गया।

पुलिस की भूमिका और कानूनी पहलू
शहर में इस तरह की कार्रवाइयों को लेकर कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर वयस्क युवक-युवती के साथ हस्तक्षेप करना कानूनी बहस का विषय है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की जबरदस्ती, धमकी या सार्वजनिक शांति भंग होने की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सामाजिक बहस: प्रेम बनाम ‘संस्कृति’
हर वर्ष वैलेंटाइन डे पर देश के विभिन्न शहरों में ऐसे अभियान देखने को मिलते हैं। समर्थकों का कहना है कि यह “संस्कृति संरक्षण” है, जबकि आलोचकों का तर्क है कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता में दखल है।
मुरादाबाद में हुई यह घटना भी इसी व्यापक सामाजिक बहस का हिस्सा बन गई है—जहां एक ओर परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का सवाल है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत अधिकार और कानून व्यवस्था की बात उठ रही है।

कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारी
अभियान में जय शर्मा, रोहित भटनागर, जतिन प्रजापति, अभिषेक श्रीवास्तव, अनुज आर्य, गंगा राणा, सुशांत गुप्ता, दीपक, भानु सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।


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