‘लद्दाख के शेर’ कर्नल सोनम वांगचुक का निधन, कारगिल युद्ध के वीर योद्धा को देश ने दी श्रद्धांजलि

🪶 महावीर चक्र से सम्मानित वीर अधिकारी, बहादुरी और राष्ट्रसेवा की अमिट विरासत छोड़ गए


📍 लव इंडिया, डेस्क। लद्दाख के वीर सपूत और कारगिल युद्ध के नायक कर्नल सोनम वांगचुक का शुक्रवार को हृदयाघात से निधन हो गया। वह 61 वर्ष के थे। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।


🇮🇳 कारगिल के हीरो, ‘लद्दाख के शेर’ के रूप में पहचान


कर्नल सोनम वांगचुक को वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में उनके अदम्य साहस और नेतृत्व के लिए जाना जाता है। ऑपरेशन विजय के दौरान उन्होंने बटालिक सेक्टर में दुश्मनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए असाधारण वीरता का परिचय दिया था। उनकी इसी बहादुरी के लिए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

⚔️ चोरबत ला की लड़ाई में दिखाई अद्भुत वीरता


कारगिल युद्ध के दौरान चोरबत ला क्षेत्र में उनकी अगुवाई में भारतीय सेना ने दुश्मन को करारा जवाब दिया। कठिन परिस्थितियों में भी उनका नेतृत्व और साहस सैनिकों के लिए प्रेरणा बना।

🕊️ रक्षा मंत्री ने जताया गहरा शोक


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कर्नल वांगचुक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा “कर्नल सोनम वांगचुक भारतीय सेना के एक अत्यंत सम्मानित अधिकारी थे, जो अपनी बहादुरी, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे।”
उन्होंने उन्हें “लद्दाख का गौरव” बताते हुए कहा कि उनकी जिंदगी साहस, समर्पण और राष्ट्रीय एकता की मिसाल रही है।

🌄 एकता और साहस की मिसाल


कर्नल वांगचुक न केवल एक बहादुर सैनिक थे, बल्कि भारत की विविधता में एकता के प्रतीक भी थे। उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि देश सेवा सर्वोच्च कर्तव्य है।


🌟 प्रेरणा बनकर रहेंगे अमर


उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देश हमेशा उनके साहस और बलिदान को याद रखेगा।

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