विकास प्राधिकरण और चकबंदी को लेकर BKU लोकशक्ति का आंदोलन धरना-प्रदर्शन

लव इंडिया, मुरादाबाद। यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA), सोनभद्र सहित अन्य जिलों में किसानों की लंबित समस्याओं, चकबंदी, मुआवजा, बिजली और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन ने 5 जनवरी 2026 को प्रदेश के मुरादाबाद समेत सभी जिलों में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया है।
🟦 सरकार को भेजा गया ज्ञापन
किसान यूनियन लोकशक्ति की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार को भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सोनभद्र जनपद के भैंसवार गांव सहित यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के कई गांवों में किसान पिछले छह माह से अधिक समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
🟦 मुआवजा और भूमि अधिग्रहण पर मुख्य मांगें
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि जिन किसानों को अब तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल भुगतान किया जाए। साथ ही नए भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों के अनुसार प्रभावित परिवारों को 20 प्रतिशत विकसित भूमि अथवा समुचित मुआवजा दिया जाए।

🟦 चकबंदी में पारदर्शिता की मांग
संगठन ने कहा कि जिन जिलों में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है, वहां पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। सोनभद्र के भैंसवार गांव में चकबंदी के दौरान कथित अनियमितताओं और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
🟦 बिजली और स्मार्ट मीटर पर आपत्ति
किसानों ने आरोप लगाया कि बिना सहमति के जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसे तत्काल रोका जाए। इसके साथ ही बिजली के निजीकरण का विरोध करते हुए बिजली कटौती बंद करने की मांग भी संगठन की ओर से रखी गई।
🟦 पर्यावरण और क्रेशर प्लांट का मुद्दा
ज्ञापन में पहाड़ी क्षेत्रों में संचालित क्रेशर प्लांट और ग्रामीण इलाकों में चल रही ईंट भट्टों से हो रहे प्रदूषण पर भी गंभीर चिंता जताई गई। किसानों ने मांग की कि मानकों के विपरीत चल रहे क्रेशर प्लांट और ईंट भट्टों को तत्काल बंद किया जाए तथा दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो।

🟦 मुरादाबाद में हुई संगठनात्मक बैठक
इसी क्रम में मुरादाबाद के सिविल लाइन स्थित अंबेडकर पार्क में किसान यूनियन लोकशक्ति की बैठक/धरना आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं और आंदोलन को मजबूती देने पर सहमति बनी। इसके बाद सभी नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।
🟦 प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया तो अन्य किसान संगठनों का भी समर्थन लिया जाएगा।
🟦 इन नेताओं ने रखी बात
बैठक में जिलाध्यक्ष फिरोज मलिक, मंडल अध्यक्ष मंसूर मिल्की, प्रदेश अध्यक्ष दानिश चौधरी, तहसील अध्यक्ष हाजी अफसर, मंडल प्रधान महासचिव गव्वर, मंडल अध्यक्ष दूंकु, मंडल महासचिव मोनिस अली, शकील सैफी, काशिफ मलिक, यासीन, जमीर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

Hello world.