अनिका अस्पताल पर बड़ा आरोप: इंजेक्शन लगते ही 8 साल के मासूम की टांग बेकार, वाल्मीकि समाज का फूटा गुस्सा

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। जनपद के थाना छजलैट क्षेत्र में स्थित अनिका अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप सामने आया है, जहां एक 8 वर्षीय मासूम को लगाए गए इंजेक्शन के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और परिजनों का दावा है कि बच्चे की टांग लगभग बेकार हो गई। इस मामले को लेकर अब वाल्मीकि समाज में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।

डॉक्टर परवेज आलम ने बच्चे को कोई इंजेक्शन लगाया

पीड़ित पक्ष के अनुसार, ग्राम छजलैट निवासी रमेश के भाई संजय के 8 वर्षीय पुत्र आर्यन की तबीयत 23 मार्च 2026 को खराब हुई थी। इसके बाद उसे इलाज के लिए अनिका अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर परवेज आलम ने बच्चे को कोई इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

गलत इलाज के कारण स्थिति गंभीर हुई

परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर से बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और लगातार पैसे लिए जाते रहे। 29 मार्च को जब बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ी तो उसे दिल्ली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कथित तौर पर बताया कि गलत इलाज के कारण स्थिति गंभीर हुई है।

शिकायत पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का भी आरोप

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि 5 अप्रैल को जब वे अनिका अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से शिकायत की तो डॉक्टर परवेज आलम और उनके स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।

भावाधस के नेतृत्व में समाज के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे

परिजनों के अनुसार, इस मामले में थाना छजलैट में शिकायत दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और भारतीय वाल्मीकि धर्म सभा (पंजी.) भावाधस के नेतृत्व में समाज के लोग जिला मुख्यालय पहुंचे।

जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन


भारतीय वाल्मीकि धर्म सभा के लोगों ने जिला अस्पताल व प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

संगठन की मांगें


आरोपी डॉक्टर परवेज आलम के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो। अस्पताल की जांच कर कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे।


⚡ गंभीर सवाल


यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही हैं, तो यह न केवल लापरवाही बल्कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।

बंद जा रहा डॉक्टर परवेज का फोन

लव इंडियन नेशनल ने इस संबंध में अनिका हॉस्पिटल के डॉक्टर परवेज आलम को मोबाइल किया लेकिन वह बंद जा रहा था ऐसे में अगर डॉक्टर परवेज आलम का पक्ष मिलता है तो हम उसे भी अपने पाठकों तक पहुंचाएंगे।

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