कल से शुरु होगा इजराइल हमास के बीच युद्घ विराम: पहले फेज में हमास 33 बंधक रिहा करेगा

इजराइल की कैबिनेट ने आज हमास के साथ सीजफायर डील को मंजूरी दे दी है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक यह युद्ध विराम रविवार, यानी कल से लागू होगा। इजराइली मंत्रियों ने समझौते के पक्ष में 24-8 मतों से मतदान किया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने आज सुबह बयान जारी कर कहा सरकार ने बंधक वापसी की योजना को मंजूरी दे दी है। ये डील 3 फेज में पूरी होगी। पहले फेज में हमास इजराइल से किडनैप किए गए 33 बंधकों को रिहा करेगा। साथ ही इजराइली सेना गाजा की सीमा से 700 मीटर पीछे लौटेगी।

इजराइल में न्याय मंत्रालय ने 95 फिलिस्तीनी कैदियों की लिस्ट जारी की है, जिन्हें रविवार को रिहा किया जाएगा। इनमें 69 महिलाएं, 16 पुरुष और 10 नाबालिग शामिल हैं। इजराइल 700 से ज्यादा फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। इन लोगों के नाम की लिस्ट भी जारी की गई है। इस लिस्ट में शामिल कई लोग हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, जिनमें हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद सदस्य भी शामिल हैं। बता दें कि हमास ने 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल में घुसकर 1200 लोगों को मार डाला और 251 को बंधक बना लिया था। इसके कुछ घंटे बाद इजराइली सेना ने गाजा पर हमला बोल दिया था। तीन फेज में होगी बंधकों की रिहाई 15 जनवरी को जो बाइडेन ने कहा कि यह डील 19 जनवरी, यानी रविवार से तीन फेज में शुरू होगी। इसमें 42 दिन तक बंधकों की अदला-बदली की जाएगी।

पहला चरणः

19 जनवरी से 1 मार्च तक गाजा में पूरी तरह से युद्धविराम रहेगा। हमास 33 इजराइली बंधकों को रिहा करेगा। इजराइल रोजाना अपने एक बंधक के बदले 33 फिलिस्तीनी बंदियों को रिहा करेगा। हर एक इजराइली महिला सैनिक के बदले 50 फिलीस्तीनी बंदियों को रिहाई मिलेगी।

दूसरा चरणः

अगर पहले फेज के 16वें दिन, यानी 3 फरवरी तक सब कुछ ठीक रहा, तो दूसरे फेज की योजना पर बातचीत शुरू हो जाएगी। इस दौरान कोई भी हमला नहीं किया जाएगा। जिंदाबचे हुए बाकी बंधकों को रिहा किया जाएगा। इजराइल 1 हजार फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा, इनमें लगभग 190 कैदी 15 साल से ज्यादा समय से सजा काट रहे हैं।

तीसरा चरणः

इस डील के आखिरी फेज में गाजा को दोबारा बसाया जाएगा। इसमें 3 से 5 साल का समय लगेगा। हमास के कब्जे में मारे गए बंधकों के शव भी इजराइल को सौंपे जाएंगे। नेतन्याहू की पार्टी के 2 मंत्री ने किया सीजफायर का विरोध पीएम नेतन्याहू की लिकुड मंत्री के मंत्री डेविड अम्सलेम और अमीचाई चिक्ली उन 8 मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने सीज फायर के खिलाफ मतदान किया। इसके अलावा सरकार में शामिल ओत्जमा येहुदित पार्टी के 6 मंत्रियों में युद्ध विराम के खिलाफ वोट दिया था। इससे पहले इजराइल के सुरक्षा मंत्री और दक्षिणपंथी नेता बेन-ग्विर इतामार ने शुक्रवार को हमास के साथ सीजफायर डील का विरोध किया था। उन्होंने डील को मंजूरी देने पर सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी।

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