उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद/लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़े ऑनलाइन मॉड्यूल के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। अब्बू- अम्मी डॉक्टर बनना चाहते थे , मगर हारिस अली ISIS आतंकी संगठन का ऑनलाइन मॉड्यूल बन गया। पूछताछ में आरोपी ने ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनसे उसके खतरनाक मंसूबों का पता चलता है। खुलासा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं, भारत को शारिया कानून का देश बनाना चाहता था।
ISIS मॉड्यूल से जुड़े युवक का सपना था…
ATS के अनुसार आरोपी भारत की मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर शरिया कानून आधारित शासन व्यवस्था स्थापित करने की सोच से प्रभावित था। जांच में सामने आया कि वह इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए ISIS की कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार करने में लगा हुआ था।
विचारधारा फैलाने का प्रयास करता था

एजेंसी के मुताबिक आरोपी ने अल-इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन के नाम से एक ऑनलाइन समूह भी बना रखा था। इस समूह के जरिए वह लोगों को जोड़ने और संगठन की विचारधारा फैलाने का प्रयास करता था।
ISIS के प्रचार तंत्र से था प्रभावित
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर ISIS के प्रचार तंत्र को लगातार फॉलो करता था। वह संगठन के ऑनलाइन मीडिया चैनलों, प्रचार सामग्री और डिजिटल मैगजीन को पढ़ता और उन्हें अपने संपर्कों के साथ साझा करता था।
ATS अधिकारियों के अनुसार आरोपी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। वह संगठन से जुड़े वीडियो, ऑडियो संदेश और लेख साझा कर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का प्रयास करता था।
विदेशों में सक्रिय नेटवर्क से संपर्क की आशंका
जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी के संपर्क विदेशों में सक्रिय ISIS समर्थकों से भी हो सकते हैं। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
ATS कर रही नेटवर्क की तलाश

एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या उसके जरिए कोई बड़ा ऑनलाइन नेटवर्क सक्रिय था। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है।
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