Iran News: अज़रबैजान सीमा पर हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के साथ कई उच्च अधिकारियों लापता, मौत की आशंका

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नई दिल्ली। ईरान-अज़रबैजान सीमा पर हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के साथ साथ कुछ अन्य उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारियों की मौत हो गई है। ईरानी सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक़ तीन हेलिकॉप्टर में से एक को टार्गेट किया गया, जिसमें राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी सवार थे। लेकिन अभी आधिकारिक तौर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है । New Delhi. President Ibrahim Raisi along with some other high-ranking government officials have died in a helicopter crash on the Iran-Azerbaijan border. According to an Iranian security official, one of the three helicopters carrying President Ibrahim Raisi was targeted.But it has not been officially confirmed yet.

ये है अब तक की घटना की जानकारी

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को ले जा रहे हेलीकॉप्टर को रविवार को पूर्वी अजरबैजान प्रांत में खराब मौसम की वजह से ‘हार्ड लैंडिंग’ करनी पड़ी। राष्ट्रपति की स्थिति के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि वह सुरक्षित हैं और जमीनी रास्ते से तबरिज जा रहे हैं। इस बीच, बचाव दल लैंडिंग स्थल पर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन खराब मौसम की वजह से इसमें बाधा आ रही है। लैंडिंग स्थल वन क्षेत्र है और वहां हवाओं के साथ भारी बारिश और कोहरे की सूचना है।The helicopter carrying Iranian President Ibrahim Raisi had to make a ‘hard landing’ due to bad weather in East Azerbaijan province on Sunday. There is no official information about the condition of the President, but a media report said that he is safe and is going to Tabriz by land. Meanwhile, rescue teams are trying to reach the landing site, but are being hampered due to bad weather. The landing site is a forest area and heavy rain and fog along with winds have been reported there.

देशभर में उनकी कुशलता के लिए प्रार्थना की जा रही है। ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक, रईसी पड़ोसी देश अजरबैजान की एक दिन की यात्रा पर गए थे, जहां उन्होंने अपने समकक्ष इल्हाम अलियेव के साथ मिलकर संयुक्त रूप से निर्मित एक बांध का उद्घाटन किया था। लौटते वक्त उनके हेलीकॉप्टर को अजरबैजान से लगती सीमा पर ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में स्थित शहर जोल्फा के नजदीक ‘हार्ड लैंडिंग’ करनी पड़ी। यह शहर राजधानी तेहरान के उत्तर-पश्चिम में करीब 600 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।Prayers are being offered for his well-being across the country. According to Iran’s state TV, Raisi went on a one-day visit to neighboring Azerbaijan, where he inaugurated a jointly built dam along with his counterpart Ilham Aliyev. On his return, his helicopter had to make a ‘hard landing’ near the city of Jolfa in Iran’s East Azerbaijan province on the border with Azerbaijan. This city is located about 600 kilometers northwest of the capital Tehran.

राष्ट्रपति के हवाई काफिले में तीन हेलीकॉप्टर थे, जिनमें से दो सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच गए। राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर में देश के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन, पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने घटना के लिए ‘क्रैश’ शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि वह अभी तक लैंडिंग स्थल पर नहीं पहुंच पाए हैं। There were three helicopters in the President’s air convoy, two of which reached their destination safely. The country’s Foreign Minister Hussein Amir Abdullahian, the governor of East Azerbaijan province and other officials were also present in the President’s helicopter. A local government official used the word ‘crash’ for the incident, but admitted that he had not yet reached the landing site.

आंतरिक मंत्री अहमद वाहिदी ने सरकारी टीवी पर कहा कि बचाव दल क्षेत्र में जा रहे हैं, लेकिन खराब मौसम एवं कोहरे के कारण उन्हें हेलीकॉप्टर तक पहुंचने में समय लग सकता है। क्षेत्र थोड़ा उबड़-खाबड़ है और संपर्क करना मुश्किल है।सरकार बचाव दलों के लैंडिंग स्थल पर पहुंचने और अधिक जानकारी मिलने का इंतजार कर रही है। Interior Minister Ahmad Vahidi said on state TV that rescue teams were heading to the area but that bad weather and fog could take them some time to reach the helicopters. The area is a bit rough and difficult to communicate with. The government is waiting for rescue teams to reach the landing site and for more information.

उल्लेखनीय है कि ईरान के पास कई प्रकार के हेलीकॉप्टर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से ईरान के लिए उनके कलपुर्जे हासिल करना मुश्किल हो गया है। उसकी वायुसेना का अधिकांश बेड़ा भी 1979 से पहले का है। 63 वर्षीय रईसी एक कट्टरपंथी नेता हैं जो अतीत में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व कर चुके हैं। उन्हें देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खमनेई का शिष्य माना जाता है और उन्हें उनके उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता है।

It is noteworthy that Iran has many types of helicopters, but due to international sanctions it has become difficult for Iran to obtain their spare parts. Most of its air force fleet also dates back to before 1979. 63-year-old Raisi is a hardline leader who has led the country’s judiciary in the past. He is considered a disciple of the country’s supreme leader Ayatollah Ali Khamenei and is seen as his successor.

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