Indian Economy: Interest और CRR में कटौती से दर-संवेदनशील सेक्टरों को मिलेगा लाभ


भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 50 आधार अंक और क्रेडिट रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में 100 आधार अंकों की कटौती की है। नेक्सएज की रिपोर्ट के अनुसार, इससे बैंकिंग, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान (एनबीएफसी), रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

ब्याज दरें घटने से इन सेक्टरों में ऋण प्रवाह बढ़ेगा, वित्त पोषण सस्ता होगा और मांग मजबूत होगी। बैंकों को अधिक फंड उपलब्ध होगा, जिससे वे सस्ते लोन प्रदान कर सकेंगे। एनबीएफसी की लागत घटकर मुनाफा बढ़ेगा और उनकी मार्केट वैल्यू में सुधार होगा। रियल एस्टेट में कम ब्याज दर पर होम लोन मिलने से हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी।

ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी सस्ते पर्सनल लोन से कार की मांग बढ़ने की उम्मीद है। महंगाई कम होने और तरलता की बेहतर स्थिति के कारण बॉन्ड की कीमतों में भी तेजी आ सकती है। यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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