नागफनी के तस्लीम हत्याकांड में पिता- पुत्र को उम्रकैद

उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद। महानगर के नागफनी थाना क्षेत्र में 7 साल पहले हुए तस्लीम हत्याकांड में अदालत में पिता- पुत्र को उम्र कैद की सजा सुनाई है। पानी को लेकर हुए विवाद में तस्लीम की हत्या की गई थी इस मामले में मृतक के सगे भाइयों के अलावा कुल 10 लोगों ने अदालत में गवाही दी थी।

नागफनी थाना क्षेत्र के बाग गुलाब राय निवासी तस्लीम की 23 मई 2018 को पानी को लेकर हुए विवाद में मारपीट और चाकू घौंपकर हत्या कर दी गई थी। घटना की रिपोर्ट छोटे भाई मोहम्मद नदीम ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक घटना के दिन चाचा सगीर पानी लेकर आये और मकान के मुख्य दरवाजे पर डाल दिया तभी मोहम्मद नदीम के पिता मौहम्मद शफीक ने ऊपर से जीने पर पानी डाल दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी हो गयी जो कि खत्म हो गयी थी। 23 मई 2018 को समय रात्रि 10.45 बजे रिपोर्टकर्ता मोहम्मद नदीम के बड़े भाई तसलीम पुत्र मौहम्मद शफीक निवासी बाग गुलाबराय नागफनी घर में पानी पीने गये थे, तभी सगीर पुत्र अब्दुल रफीक, समीर, शाहरूख पुत्रगण सगीर व पुत्री मन्तशा ने तसलीम को गाली गलौच करते हुए घेर लिया और मन्तशा ने समीर को चाकू लाकर तसलीम को मारने के लिए दिया तथा सगीर ने तसलीम का गला पकड़ा और शाहरूख ने हाथ पकड़े। फिर समीर में जान से मारने की नीयत से तसलीम को चाकू मारकर घायल कर दिया है। तसलीम लहुलुहान होकर गिर पड़ा जिसे काॅसमाॅस अस्पताल लेकर आये जहाँ डॉक्टर ने तसलीम को मृत घोषित कर दिया।

नागफनी पुलिस ने इस मामले में सगीर और उसके बेटे समीर को गिरफ्तार किया और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-10) जितेंद्र सिंह के न्यायालय में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना। अभियोजन पक्ष की तरफ से फहीम और नईम ने गवाही दी जो घटना के वक्त मौजूद थे जो मृतक के सगे भाई हैं। आरोपी पक्ष में खुद को बेगुनाह बताते हुए रंजिशन फंसाना बताया।

इस पर जिला अपर शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने कहा कि घटना के वक्त पुलिस ने साक्ष्य एकत्र किए और गवाहों ने घटना की पुष्टि की इतना ही नहीं आरोपियों से घटना में इस्तेमाल आलाकत्ल भी बरामद हुआ है। इसलिए दोनों हत्यारोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने अभियुक्तगण के विरूद्ध लगाये गये इन आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित किया है कि अभियुक्तगण द्वारा मिलकर मृतक तस्लीम की चाकू से चोट पहुंचा कर हत्या कारित की गयी और गाली गलौज की गयी। अतः सगीर व समीर धारा-302/34 एवं 504 भारतीय दण्ड संहिता में तथा समीर धारा-4/25 आयुध अधिनियम में दोषी पाया जाता है। इसी के साथ जमानत पर चल रहे सगीर को भी न्यायिक हिरासत में ले लिया गया।

न्यायाधीश में दोनों पिता-पुत्र को हत्यारोपी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 25 हजार रुपए का जुर्माना भी किया है। जुर्माना न अदा करने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

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