कुंदरकी के तालाबों में प्रतिबंधित मछली पालन के आरोप, मत्स्य विभाग की भूमिका पर उठ रहे सवाल

स्थानीय मछुआरों और ग्रामीणों का दावा — तालाबों में प्रतिबंधित प्रजाति की मछली पालन से जुड़े हैं विभागीय अधिकारियों के कथित संरक्षण के आरोप।

लव इंडिया, कुंदरकी (मुरादाबाद): स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरा समुदाय ने आरोप लगाया है कि कुंदरकी क्षेत्र के कई तालाबों में प्रतिबंधित प्रजाति की मछली पालन हो रहा है, जबकि यह नियमों के खिलाफ माना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ विभागीय कर्मचारियों अफसरों के संरक्षण या मिलीभगत के कारण यह गतिविधि होती रही है, जिससे नियमों की अवहेलना हो रही है और स्थानीय मछुआरा समुदाय की पारंपरिक आजीविका प्रभावित हो रही है।


ग्रामीणों का तर्क है कि प्रतिबंधित मछली प्रजातियाँ, जिन्हें पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों के लिए हानिकारक माना जाता है, कुछ तालाबों में अवैध रूप से पाली जा रही हैं। इससे पारंपरिक मछुआरों की मछलियों के ऊपर दबाव बढ़ता है और बाजार में भी इन मछलियों की बिक्री की चर्चा बढ़ रही है।


उधर, मत्स्य विभाग अधिकारियों से इस बारे में सवाल किए गए, लेकिन उन्होंने अब तक कोई आधिकारिक जवाब जारी नहीं किया है। यह मामला स्थानीय अधिकारियों के संज्ञान में भी पहुंचा है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक आधिकारिक जांच या बयान सामने नहीं आया है — विभाग के उच्च अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई प्रमाणित आरोप मिलते हैं तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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