good friday पर प्रभु यीशु के जीवन के 7 पड़ावों को याद किया और मौन प्रार्थना कर बलिदान को महसूस किया ईसाई समाज ने

लव इंडिया मुरादाबाद। पीलीकोठी स्थित फिलिप मैथोडिस्ट चर्च में गुड फ्राइडे के शुभ अवसर पर बृजेश मेंसल व पादरी रोहित मसीह ने चर्च में प्रार्थना कराई। इस मौके पर ईसाई युवतियां ने कोरल गीत प्रस्तुत किए। प्रार्थना सभा में भारी तादाद ईसाई समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे।

गुड फ्राइडे पर चर्च में विशेष प्रार्थना के बारे में जानकारी देते हुए, यह दिन ईसाई धर्म का एक अत्यंत पवित्र और भावनात्मक दिन है, जो प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है। इस दिन चर्चों में विशेष सभाएं होती हैं, जिनमें श्रद्धालु यीशु मसीह के जीवन, मृत्यु और उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को याद करते हैं।

गुड फ्राइडे पर चर्च में विशेष प्रार्थना

  • स्टेशन्स ऑफ द क्रॉस: इसमें यीशु के जीवन के 7 महत्वपूर्ण पड़ावों को याद किया, जहां मौन प्रार्थना कर उनके बलिदान को महसूस किया गया।
  • विशेष पूजा और सेवाएं: कई चर्चों में खास प्रार्थना सभाएं आयोजित हुई जिनमें बाइबिल पाठ, भजन गान, और विशेष संदेश हुए जो आत्मा को छू गए।
  • मौन उपवास या संयम: गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समाज में उपवास या लाइट फूड लेने की परंपरा है, जो त्याग और आत्मिक अनुशासन का प्रतीक है।
  • कैंडल्स लगाना: प्रभु यीशु के क्रूस के सामने कैंडल्स जलाए और फूल अर्पित किए। यह एक शांत भावपूर्ण क्रिया है, जो उनके बलिदान के प्रति हमारी श्रद्धा का प्रतीक बनता है।
  • बाइबिल पढ़ना: गुड फ्राइडे पर चर्च में बैठकर बाइबिल के पवित्र अंश पढ़ना बेहद सार्थक होता है। इसके तहत खासकर क्रूस पर चढ़ने से पहले यीशु के आखिरी शब्दों पर युवा पीढ़ी ने ध्यान केंद्रित किया।

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