लव इंडिया, मुरादाबाद। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) मुरादाबाद परिसर में प्रस्तावित खेल स्टेडियम का नाम महान क्रांतिकारी शहीद-ए-वतन अशफाक उल्लाह खां और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सूफी अम्बिका प्रसाद के नाम पर रखने की मांग को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के कार्यकर्ता मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
📃ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से आग्रह किया
ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से आग्रह किया कि प्रस्तावित स्टेडियम का नाम उन स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा जाए, जिन्होंने राष्ट्र की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और जिनसे मुरादाबाद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ।
📜 ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा है जीआईसी परिसर

ज्ञापन में बताया गया कि महानगर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज का परिसर ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसकी स्थापना ब्रिटिश शासन काल में सूबेदार रुस्तम खां के समय हुई थी और वर्ष 1860 में यह जीआईसी के रूप में अस्तित्व में आया।आज इस विशाल परिसर में शिक्षा विभाग के कार्यालय, विद्युत विभाग, जर्जर छात्रावास भवन, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय तथा प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इसके बावजूद परिसर का बड़ा हिस्सा अभी भी खेल गतिविधियों के लिए उपयोगी है।
🏑 खेल प्रतिभाओं की नर्सरी रहा है जीआईसी
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जीआईसी परिसर लंबे समय से खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में जाना जाता रहा है। विशेषकर हॉकी समेत विभिन्न राष्ट्रीय खेलों में यहां से प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।रालोद कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित खेल स्टेडियम का निर्माण स्वागत योग्य कदम है, जिससे युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन इस ऐतिहासिक भूमि से जुड़े स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर स्टेडियम का नामकरण किया जाना उनकी स्मृति को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने का माध्यम बनेगा।
🇮🇳 स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विरासत को सम्मान देने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि अशफाक उल्लाह खां और सूफी अम्बिका प्रसाद दोनों महान स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उनका नाम मुरादाबाद से जुड़ा होने के कारण यह शहर राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है। ऐसे में स्टेडियम का नामकरण उनके नाम पर होना ऐतिहासिक न्याय और राष्ट्रीय गौरव की दृष्टि से उचित होगा।
✍️ ये रहे ज्ञापन देने वाले

मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से शामिल रहे:शाहनवाज मलिकअसलम अंसारीअनवार मलिकजाबर खांसलीम कुरैशीजकी मलिकसलीम खांतथा अन्य कार्यकर्ता
🔎 प्रशासनिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मांग पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि रालोद कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि ऐतिहासिक तथ्यों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
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