
आज के समय में डीज़ल वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाला AdBlue या Diesel Exhaust Fluid (DEF) वाहनों के SCR सिस्टम में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह 32.5% यूरिया और 67.5% डी-मिनरलाइज्ड पानी का मिश्रण होता है, जिसका वाहन की उत्सर्जन नियंत्रण प्रणाली के साथ उपयोग होता है। लेकिन, बढ़ती मांग के कारण बाज़ार में नकली या मिलावटी DEF/AdBlue उत्पादों की भी बिक्री या धोखाधड़ी के प्रयास रिपोर्ट किए गए हैं, जो वाहन मालिकों के लिए जोखिम खड़े कर सकते हैं। मंडल के मुरादाबाद और अमरोहा में दिल्ली हाईवे पर वाहनों के नकली AdBlue/DEF यूरिया की खुलेआम बिक्री हो रही है।
AdBlue/DEF में यूरिया और पानी जैसा सरल समायोजन होने से कुछ गलत विक्रेता कम गुणवत्ता वाले घटकों या मिलावट वाले तरल को नकली AdBlue के रूप में बेचते हैं। नकली उत्पादों में सही मानक जैसे ISO 22241 या उचित शुद्धता नहीं होती है, जिससे SCR सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है।
बाज़ार में धोखाधड़ी के मामले

बाज़ारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर AdBlue को कम दाम या बिना मानक प्रमाणीकरण के पेश करना एक लाल झंडी हो सकता है। कुछ मामलों में धोखेबाज़ नकली पैकेजिंग या अनापातित लेबल का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वाहन मालिकों को सस्ता लेकिन घटिया उत्पाद मिल जाता है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि ऐसे अपरिचित उत्पाद से वाहन का SCR सिस्टम खराब हो सकता है।
नकली AdBlue के खतरे
अगर DEF/AdBlue में सही यूरिया की मात्रा और शुद्धता नहीं है, तो यह SCR कैटलिस्ट को बंद या नुकसान पहुँचा सकता है। इससे वाहन की उत्सर्जन क्षमता घट सकती है, प्रदूषण बढ़ सकता है, और वॉरंटी को भी जोखिम हो सकता है। इसके अलावा यह महंगी मरम्मत का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञ और पुलिस की सलाह

वाहन विशेषज्ञ और अधिकारियों की सलाह है कि AdBlue/DEF को ISO 22241 मानक वाले असली सप्लायर्स से ही लें, और पैकेजिंग पर प्रमाण पत्र या बैच नंबर जांचें और यह हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि दिल्ली हाईवे पर मुरादाबाद और अमरोहा में दिल्ली हाईवे पर पुलिस चौकी के पास वाहनों के नकली AdBlue/DEF यूरिया की बिक्री खुलेआम हो रही है। लव इंडिया नेशनल जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करेगा क्योंकि इनके संचालकों के पास किसी तरह का कोई लाइसेंस भारत सरकार से नहीं है बल्कि यह जीएसटी की आड़ में ही यह धंधा कर रहे हैं।
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