महर्षि कश्यप का इतिहास किसी से छिपा नहीं लेकिन आज छेड़छाड़ की जा रही: जयवीर यादव

लव इंडिया, मुरादाबाद। समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय चक्कर मिलक पर आयोजित बैठक एवं महान पुरुष सम्राटो के सम्राट महान अशोक, श्रेँगपुर के राजा निषाद राज गुहय, महर्षि कश्यप जी की जयंती पर पुष्पमाला अर्पण कर उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया।


जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव जयंती समारोह एवं मासिक बैठक को सम्बोधित करते हुये कहा सम्राट अशोक के ही समय में 23 विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई थी जिसमें विश्वविख्यात तक्षशिला, नालन्दा, विक्रमशिला, कंधार, आदि विश्वविद्यालय प्रमुख थे। उनके शासन काल को विश्व के बुद्धिजीवी और इतिहासकार भारतीय इतिहास का सबसे “स्वर्णिम काल” मानते थे। वह सम्राट अशोक का ही शासनकाल था, जिसमें भारत “विश्व गुरु” था और सोने की चिड़िया कहलाया।.ऐसा ही शासन निषाद राज का रहा।

उन्होंने श्री राम के लिए राज पाट छोड़ने का प्रस्ताव रखा और श्री राम गंगा पार कराया। महर्षि कश्यप का इतिहास किसी से छिपा नही है। लेकिन आज इतिहास से छेड़छाड़ की जा रही है। भाजपा वाले अपनी राजनीतिक फसल उगाने के लिए किसी का भी खेत उजाड़ सकते हैं। जनता भाजपा से पूछ रही है कि ‘झोपड़ियों, घरों, दुकानों, खेतों-फसलों के बाद अब और कहाँ-कहाँ बुलडोज़र-जेसीबी चढ़ाओगे-चलाओगे। जो बच्चों का भविष्य उजाड़ते हैं, दरअसल वो बेघर होते हैं। पढ़ाई का मोल पढ़ने वाले ही जानते हैं। बुलडोज़र विध्वंसक शक्ति का प्रतीक है, ज्ञान, बोध या विवेक का नहीं। बुलडोज़र अहंकार के ईंधन से, दंभ के पहियों पर सवार होकर चलता है, इसमें इंसाफ़ की लगाम नहीं होती है।

जिलाध्यक्ष जयवीर यादव ने कहा कि देश के शेयर बाज़ार में लाखों करोड़ों की गिरावट की ओर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है क्योंकि इससे उन आम लोगों की बचत और पूंजी डूब रही है जिनके पास कुछ अतिरिक्त धन निवेश करने के लिए उपलब्ध है, जिससे वो लोग सामान ख़रीदते हैं या सेवाएं और वाहन-भूमि इत्यादि। इनसे ही बाज़ार में ख़रीद-फ़रोख़्त का पहिया घूमता है और साथ ही अर्थव्यवस्था का भी। अगर शेयर मार्केट में आम लोगों के पैसे डूबते हैं तो बाज़ार भी डूबता है और इकॉनमी भी। आज जब युवा वर्ग शेयर बाज़ार में अपनी जमा-पूंजी लगा रहा है तो वो भी बाज़ार की इस अनिश्चितता का भरपूर शिकार हो रहा है। देश के पूंजी बाज़ार के भविष्य के लिए ये एक बेहद ख़तरनाक स्थिति मे है।
दूसरी तरफ़ वो लोग हैं जिनके पास नोटबंदी और मंदी की मार के बाद न तो पैसे हैं और न ही नौकरी-रोज़गार। भुखमरी और बेकारी झेल रहे, ऐसे बेरोज़गार-बेबस लोग अपनी कमाई के लिए बाज़ार की गतिविधियों और गतिशीलता के सहारे ही दो वक़्त की रोटी कमाते हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी जिले लेवल पर वक्फ बिल का विरोध करती है सरकार के पास कुछ नही इसलिये ऐसे बिल लाकर नफ़रत का माहौल बनाने की कोशिश कर रहें जबकि आज भारत का नागरिक बेबस और लचार अवस्था मे खड़ा है. न रोजगार है न करोबार न शिक्षा न महंगाई पर बात हो रही देश को मुद्दों से भटका कर देश को खोदने में लगे हैं अब ये बंद होना चाहिए ये तभी होगा ज़ब पी. डी.ए. की सरकार बनेगी। इसलिये मजूबती से जुट जाओ और हर घर का दरवाजा खटखटाओं।
बूथ कमेटी संचालन की जिम्मेदारी फिरासत हुसैन गामा को दी गई उन्होंने कहा हर बूथ पर यूथ एवं महिलाओ की उपस्थित रहेगी। बैठक का संचालन जिला प्रवक्ता धर्मेंद्र यादव ने किया।
बैठक मे जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, लाखन सिंह सैनी,महिला सभा की जिलाध्यक्ष शीरी गुल, जयपाल सैनी, फुरकान अली,रजनीकांत जाटव, विजयवीर यादव,धर्मेंद्र यादव, फिरासत हुसैन गामा, नाजिम अली, सिद्धार्थ सिंह,वेद प्रकाश सैनी, आदित्य चौधरी,मनीष जाटव,प्रदीप यादव,जयकुमार प्रजापति, योगेंद्र यादव, नबी जान,अताउर रहमान,सुनीता सिंह,अफरोज जहाँ राजेश्वरी यादव,इस्तियाक सैफी, असलम चौधरी, लुकमान खान, दानिश मिर्जा, रजिउद्दीन खान, नवीन यादव, प्रेम बाबू बाल्मीकि,जिगरी मलिक, गोविन्द प्रजापति, राकेश दानव,वी. के.सैनी, सुशील यादव, अशोक सैनी,मजीद अली, गुलाहमद,मोईनुद्दीन, बालकिशन शर्मा, सुरेंद्र शर्मा,शमशुद्दीन, असीम चौधरी, आशीष विश्नोई, मोहित वर्मा, सरदार सिंह पाल मनोज चौधरी, जावेद आलम तहजीब आलम जोगेंद्र सिंह, उबेश पाशा, रईस अहमद, दानिश हुसैन,मो अरशद पिंटू विश्नोई आदि मुख्य थे।

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