Easter पर Flip Memorial Methodist Church से निकला कैंडल जुलूस, दिखाई दी मसीह समाज की दिव्य झांकियां

उमेश लव लव इंडिया मुरादाबाद । ईस्टर के मौके पर सिविल लाइंस स्थित फ्लिप मेमोरियल मैथोडिस्ट चर्च से कैंडल जुलूस व झांकियां निकालकर मैथोडिस्ट इंटर कॉलेज में पूर्ण हुआ। कैंडल जुलूस में मसीह समाज की दिव्य झांकियां दिखाई दी।मुरादाबाद। फिलिप मैमोरियल मैथोडिस्ट चर्च मुरादाबाद मे पुनरुत्थान दिवस ईस्टर डे को समस्त मसीही समाज द्वारा हर्षौल्लास के साथ मनाया गया जिसमे प्रातः प्रभु येशु के मृतकों मे से जी उठने की ख़ुशी मे सभी चर्चों की झाँकियाँ मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रांगण मे एकत्रित हुए जहाँ सनराइज सर्विस की आराधना संपन्न हुई।

उसके बाद फिलिप्स मैमोरियल मैथोडिस्ट चर्च मुरादाबाद में बच्चों के बपतिस्मे जल संस्कार हुए उसके बाद ईस्टर की आराधना हुई आराधना का संचालन रेव्ह अनिल सी लाल द्वारा किया गया। बाईबल पाठ एवं प्रेज़ एंड वर्शिप रेव्ह रोहित मैसी द्वारा की गई, प्रार्थना रेव्ह उम्मीद सिंह द्वारा की गई। चर्च क्वायर द्वारा एक मधुर गीत “ मौत को हराकर जिंदा हुआ है मसीह “ को गाया गया। गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु ने सारे संसार के पापों को अपने ऊपर लेकर क्रूस पर अपने प्राणों को परमेश्वर पिता के हाथों मे सौंप दिया था ,और अपने जीवन को मानव जाति के उद्धार के लिए बलिदान कर दिया था। आज के दिन प्रभु येशु ने मृत्यु के ऊपर विजय पाई ओर मृतकों मे से जी उठे। प्रभु येशु के उठने के दिन को पुनरुत्थान दिवस ईस्टर डे के रूप मे मनाया जाता है।

आज प्रभु के सन्देश को भोपाल से आये अतिथि वक्ता रेव्ह विपिन लाल द्वारा दिया गया उन्होंने प्रभु यीशु के तीसरे दिन जी उठने की घटना को बहुत ही अदभुत घटना बताया, उन्होंने बताया कि जैसे बीज धरती को चीरकर पौधे के रूप मे बाहर आता है वैसे ही प्रभु येशु मृत्यु के ऊपर जयवंत होकर कब्र से बाहर आ गए। आराधना के अंत मे आशीष वचन रेव्ह ब्रिजेश मैनसल द्वारा दिये गए।

रेव्ह ब्रिजेश मैनसल ने बताया को समस्त मसीही समाज द्वारा एक भव्य शोभायात्रा को झांकियों के रूप मे निकाला जाएगा। जो कि पार्कर इंटर कॉलेज के प्रांगण से शुरू होकर ताड़ीखाना , टाउनहॉल ,कोतवाली ,गुरहट्टी, जैन मंदिर, अम्बेडकर पार्क, पीलीकोठी होते हुए मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रांगण मे समाप्त होगा। आराधना में राजीव सिंह ,अभिषेक विल्सन, बेनहेर,नीरज एडवर्ड आदि का सहयोग रहा।

यह मार्च चर्चों से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा, जहां श्रद्धालुओं ने मोमबत्तियां जलाकर और प्रभु यीशु की जयकार करते हुए मार्च में भाग लिया।

मुख्य आकर्षण:

  • मोमबत्तियों का प्रकाश: कैंडल मार्च में मोमबत्तियों का प्रकाश प्रभु यीशु के प्रकाश और उनके पुनरुत्थान का प्रतीक था।

  • भजन और प्रार्थनाएं: श्रद्धालुओं ने मार्च के दौरान भजन और प्रार्थनाएं कीं, जो ईस्टर के पवित्र अवसर को और भी विशेष बना दिया।

  • एकता और भाईचारा: कैंडल मार्च में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं ने एकता और भाईचारे का संदेश दिया, जो ईस्टर के मूल संदेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ईस्टर का महत्व:

ईस्टर ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान का जश्न मनाता है। यह त्योहार आशा, पुनरुत्थान और नए जीवन का प्रतीक है।

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