साहब मेहरबान तो 4 दोस्तों ने बिना पंजीकरण व योग्य डॉक्टर के खोल दिया Bachpan Health Care और आशा बन गई डॉक्टर
लव इंडिया, मुरादाबाद। आपने बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ जरूर देखी होगी जिसमें एक गुंडा मुन्ना डॉक्टर बनकर अपने पिता के सपने को पूरा करना चाहता है और जिगरी दोस्त की मदद से… यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है। यहां चार दोस्त हैं और चारों अपने डॉक्टर के सपने को पूरा कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने बाकायदा अस्पताल भी खोल रखा है और यहां स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ‘आशा’ डॉक्टर बनकर बच्चों का इलाज कर रही है और यह सब हो रहा है स्वास्थ्य विभाग की नाक के नीचे क्योंकि ‘साहब मेहरबान तो… पहलवान’ की कहावत यहां पूरी तरह चरितार्थ है।
जी हां! कांठ रोड स्थित आशियाना फेज-1 में स्थित ‘बचपन हेल्थ केयर (बच्चों का अस्पताल)’ को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अस्पताल बिना वैध पंजीकरण और ड्यूटी पर मान्यता-प्राप्त डॉक्टर के बिना संचालित हो रहा है। आरोप यह भी हैं कि पर्चियों/फॉर्मों पर डॉक्टर का नाम दर्ज है, लेकिन वास्तविक उपचार कथित तौर पर एक आशा कार्यकर्ता द्वारा किया जा रहा है, जो स्वयं को बच्चों का डॉक्टर बताती है।
🫁अस्पताल का विवरण (जैसा पर्चों/दस्तावेज़ों में दर्शाया गया)
नाम: Bachpan Health Care (बच्चों का अस्पताल)
पता: Near Muskan Nursing Home, Ashiyana Phase-1, Moradabad
पर्चे पर दर्ज डॉक्टर: Dr. Harsh Singh
डिग्री (जैसा पर्चे पर): MBBS, MD (Pediatrics)
दावा: Ex-Resident, AIIMS New Delhi; Ex-Resident, Escort Fortis Hospital, New Delhi
✍️ बिना पंजीकरण संचालन का दावा
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अस्पताल के पास राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण का वैध पंजीकरण नहीं है, फिर भी यह खुलेआम संचालित हो रहा है।

💯बिना डॉक्टर के इलाज, आशा कार्यकर्ता द्वारा संचालन का दावा
आरोप है कि ड्यूटी पर मान्यता-प्राप्त डॉक्टर मौजूद नहीं रहते, जबकि उपचार कथित तौर पर एक आशा कार्यकर्ता करती है, जो स्वयं को बच्चों का डॉक्टर बताती है। पर्चियों पर डॉक्टर का नाम होने के बावजूद ग्राउंड-लेवल प्रैक्टिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
😱फर्जी/भ्रामक सुविधाओं का दावा
पर्चों/प्रचार सामग्री में NICU, PICU, CPAP, Phototherapy, Ventilator, Warmer, General/Private Ward जैसी सुविधाओं के दावे दर्शाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन दावों का वास्तविक अनुपालन/लाइसेंसिंग संदिग्ध है और भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
✍️ बायो-मेडिकल वेस्ट व फायर सेफ्टी एनओसी का अभाव
शिकायत के अनुसार अस्पताल के पास बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की वैध व्यवस्था और फायर सेफ्टी एनओसी नहीं है—जो कानूनन अनिवार्य है, खासकर बच्चों/नवजातों के उपचार में।
💯संचालन से जुड़े नाम
शिकायत में महफूज, यासीन, सलमान और शानेब के नाम सामने आए हैं, जिन पर अवैध संचालन से जुड़े होने का दावा किया गया है। (यह आरोप हैं; पुष्टि जांच पर निर्भर है।)
🛌स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के संबंधित नोडल अधिकारी व एसीएमओ को जानकारी होने के बावजूद कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। मिलीभगत के आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
🙏कानूनी प्रावधान
-अस्पताल/नर्सिंग होम का वैध पंजीकरण अनिवार्य।
उपचार केवल मान्यता-प्राप्त डॉक्टर द्वारा।
-बायो-मेडिकल वेस्ट नियम व फायर सेफ्टी एनओसी का पालन आवश्यक।
-उल्लंघन पर सीलिंग, जुर्माना व आपराधिक कार्रवाई का प्रावधान है।

अब…आगे क्या?
मामले में तत्काल निरीक्षण, दस्तावेज़ों की जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग की जा रही है। प्रशासन/अस्पताल प्रबंधन का पक्ष मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।
Note: This story is based on complaints/ allegations. The situation will become clearer upon the conclusion of an administrative investigation. The relevant parties’ statements will be published when they become available.

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