MDA: लाइनपार में दुल्हन की तरह चमचमा गई अवैध मार्केट तब दिखाई दी साहब को और कर दी गई सील

लव इंडिया, मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने नियमों की अनदेखी कर बनाए गए सात दुकानों के निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। यह कार्रवाई एमडीए के उपाध्यक्ष शैलेष कुमार के दिशा-निर्देशन में की गई। प्रकाश नगर चौराहे के पास, मझोला क्षेत्र में 200 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई इन दुकानों का निर्माण अभिषेक मल्होत्रा द्वारा किया गया था। एमडीए टीम ने जांच में पाया कि निर्माण कार्य मानकों का उल्लंघन करते हुए किया गया था। टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों को सील किया और संबंधित लोगों को भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों से बचने की चेतावनी दी। एमडीए का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की सख्ती के बाद भी महानगर में अवैध निर्माण लगातार चल रहा है। मझोला के लाइनपार इलाके में बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध मार्केट बना दिया गया। क्षेत्रीय जेई के नोटिस दिए जाने के बाद भी अवैध निर्माण किया जा रहा था। एमडीए उपाध्यक्ष शैलेष कुमार सिंह के निर्देश पर आज अवैध मार्केट को सील कर दिया गया। एमडीए की कार्रवाई से बिना नक्शा निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।

थाना मझोला क्षेत्र के लाइन पर स्थित प्रकाश नगर चौराहे पर लगभग 200 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में अभिषेक मल्होत्रा द्वारा अवैध रूप से सात दुकानों का निर्माण किया गया था। मामला प्रकाश में आने के बाद एमडीए के जेई द्वारा नोटिस देने की कार्रवाई की गई थी। एमडीए उपाध्यक्ष शैलेष कुमार के निर्देश पर टीम जब जांच के लिए मौके पर पहुंची तो बिना नक्शा निर्माण होते मिला। इसके बाद ही सील करने के निर्देश दिए गए। आज एई सागर गुप्ता, जेई ग्रीश चंद्र पांडे के नेतृत्व में पहुंची एमडीए की टीम ने अवैध मार्केट को सील कर दिया। एमडीए उपाध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि लोग नक्शा स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण करें।

दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि लाइन पर इलाके में यह मार्केट मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों की मिली भगत से ही तैयार की गई और जब इस मामले में शिकायत की गई तो उसे भी दबाने की कोशिश की गई ऐसे सबसे बड़ा सवाल यही है की क्या शहर के बीच-बीच एक महंगी कॉलोनी में अवैध रूप से मार्केट का निर्माण हो सकता है और अगर नहीं तो फिर एक-दो दुकान नहीं बल्कि पूरी अवैध मार्केट तैयार कर दी गई और इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने क्या शुरू से ही कार्रवाई की थी…? यही कारण है कि लोगों में चर्चा है कि महंगी कॉलोनी में एक दो नहीं बल्कि सात दुकानों की मार्केट तैयार हो गई और विकास प्राधिकरण के जिम्मेदार अफसरों को यह नजर नहीं आई.. ऐसा नहीं है बल्कि यह मार्केट तब नजर आई… जब इस पर प्लास्टर हो गया, फिर पुताई हो गई, दुकानों के शटर लग गए…! इतना ही नहीं, कई दुकानों को सौदा ( उठा) भी दिया गया.. फिलहाल, अब यह अवैध मार्केट सील कर दी गई।

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