Rukhsana Path Care पर कार्रवाई न होने पर सवालों के घेरे में ‘नोडल अधिकारी’

लव इंडिया मुरादाबाद। रुखसाना पैथ केयर लैब पैथोलॉजी सेंटर पर आखिरकार कार्रवाई क्यों नहीं हो रही… यह एक बड़ा सवाल है…!

Rukhsana Path Care: साहब की आंखों में धूल झोंककर मियां टेक्नीशियन हो गए जांच के विशेषज्ञ… शीर्षक समाचार पर कोई कार्रवाई न होने पर शिकायतकर्ता समीर ने सवाल खड़ा किया है और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित नोडल अधिकारी को सवालों के घेरे में लेते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि टेक्नीशियन मियां पर स्वास्थ्य विभाग मेहरबान है, इसीलिए कार्रवाई नहीं हो रही। जबकि इसकी पंजीकरण अवधि बीत चुकी है और जिन डॉक्टर के नाम इनकी जांच रिपोर्ट पर लिखे हैं वह यहां आते ही नहीं हैं। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि संबंधित अधिकारियों ने कार्यवाही नहीं की तो वह शासन स्तर तक इस मामले को ले जाएंगे ताकि आम आदमी के स्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ ना कर सके।

साहब की आंखों में धूल झोंककर मियां टेक्नीशियन हो गए जांच के विशेषज्ञ

यह एक ऐसे लैब टेक्नीशियन की कहानी है जो साहब की आंखों में धूल झोंक कर खून और पेशाब की जांच के विशेषज्ञ हो गए हैं। जबकि कड़वा सच यह है कि इनकी पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट पर जिन डॉक्टर्स के नाम लिखे है, वह आते ही नहीं है और पंजीकरण की अवधि भी गुजर चुकी है अर्थात सब कुछ फर्जीवाड़ा है।

रुखसाना पैथ केयर पैथोलॉजी लैब द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट

यह हम नहीं कह रहे बल्कि इनकी पैथोलॉजी लैब पर जांच करने वाले समीर का कहना है। बकौल समीर के, पाकबड़ा थानांतर्गत डींगरपुर रोड पर मंदिर के पास रुखसाना पैथ केयर पैथोलॉजी लैब है। तबीयत खराब होने पर डॉक्टर की सलाह पर इसी लैब पर जांच कराई तो डॉक्टर ने रिपोर्ट को हाथ में लेते ही कहा कि भाई पैसे खर्च किए थे तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत पैथोलॉजी लैब से जांच करते यह तो खुद झोलाछाप है और यह खून और पेशाब की जांच करने वाला पैथोलॉजिस्ट नहीं बल्कि…।

बकौल समीर के, डॉक्टर ने रिपोर्ट नहीं देखी और कहा कि यह विश्वसनीय नहीं है क्योंकि इस रिपोर्ट पर जिन दो डॉक्टर्स के नाम अंकित है उन्हें कभी भी यहां देखा ही नहीं। इस पर समीर ने पैथोलॉजी संचालित करने वाले शबाब पाशा से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है हमारी पैथोलॉजी लैब डॉ दीपक कौशिक और डॉक्टर प्रीति वर्मा जो कंसल्टेंट्स पैथोलॉजिस्ट हैं, के द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पंजीकृत है।

इसके बाद समीर ने इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जानकारी की तो पता चला की रुखसाना पैथ केयर पैथोलॉजी लैब का पंजीकरण नहीं है और जिन डॉक्टर के द्वारा यह पंजीकरण था उन्होंने इसका नवीनीकरण नहीं कराया है। इतना ही नहीं, बताया गया की 13 फरवरी 2023 को तत्कालीन नोडल अधिकारी डॉ. संजीव बेलवाल ने इस पैथोलॉजी लैब को सील कर दिया था और इसके संचालक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। यह मुकदमा धोखाधड़ी और मेडिकल एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज हुआ था।

फिलहाल, इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की गई है। दूसरी तरफ लव इंडिया नेशनल ने इस संबंध में पैथोलॉजी लैब संचालक का पक्ष जानने के लिए प्रयास किया लेकिन हो नहीं पाया और अगर उनका पक्ष मिलता है तो अपने ऑनलाइन पाठकों को अपडेट द्वारा बताया जाएगा।

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