Lajpat Nagar Ramlila में दशरथ मरण से सीता हरण तक का मंचन… देख भावुक हुए सनातनी

लव इंडिया, मुरादाबाद। श्रीराम कथा मंचन समिति लाजपत नगर मुरादाबाद के तत्वावधान में लाजपत नगर राम लीला मैदान के भव्य रंग मंच पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र जी की अनुकरणीय एवं आदर्श लीलाओं की प्रस्तुति स्वामी नंदकिशोर शर्मा के कुशल निर्देशन में ब्रजधाम धाम रामकृष्ण लीला संस्थान वृंदावन के कलाकारों द्वारा नवीन प्रसंग एवं सुंदर दृश्य और मधुर संगीत के साथ प्रस्तुत की गई।


आज की लीला में दशरथ मरण भरत मिलाप पंचवटी पर लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नसिका भंग, एवं रावण द्वारा सीता हरण की योजना बनाकर हरण करना तक की लीला का मनमोहक मंचन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। लीला का प्रथम दृश्य अयोध्या नरेश राजा दशरथ राम की याद में तड़प रहे हैं राम राम राम बोलकर अपने प्राण त्याग देते हैं यह सूचना गुरु वशिष्ट को पहुंचाई जाती है तब उनका शव तेल के कड़ाव में रखकर भरत और शत्रुघ्न को बुलाने के लिए भेजा जाता है।


कुमार भरत का अयोध्या में आगमन होता है चारों तरफ सुनसान होती है अयोध्या का कोई भी जन उनकी तरफ देखा भी नहीं है और मुंह फेर कर चला जाता है महल में चारों और उदासी ही उदासी होती है। सबसे पहले मंथरा से भेंट होती है वह उन्हें राजा बनने की खुशखबरी देती है और कहती है की तुम्हारे सारे काटों को समाप्त कर दिया गया है। अब तुम ही अयोध्या के राजा हो यह बात भरत जी को बुरी लगती है और वह गुरु वशिष्ठ के पास जाकर सारी स्थिति का ज्ञान प्राप्त करते हैं और अपनी मां कैकेई के पास आकर बहुत बुरा भला कहते हैं और राम को वापस लाने के लिए वन को चल देते हैं।


रामलीला की व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष महेश चंद्र अग्रवाल महामंत्री विनोद बाबू सक्सेना राजीव राघव श्याम कृष्ण रस्तोगी मुकुल बंसल,विवेक शर्मा शम्मी रस्तोगी काव्य सौरव रस्तोगी ,असीम अग्रवाल रामकुमार गुप्ता राजेंद्र अग्रवाल आदि ने सहयोग किया।

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