संभल में प्रधानमंत्री की फोटो से छेड़छाड़: आरोपी कश्मीरी डॉक्टर गिरफ्तार


आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर अपलोड, पुलिस ने IT एक्ट में किया मामला दर्ज


संभल। जनपद संभल के कोतवाली कस्बा क्षेत्र में प्रधानमंत्री की फोटो से कथित छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड करने का मामला सामने आया। मामला 27 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हुआ। आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड करने के मामले में कश्मीरी डॉ. इक़बाल हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक डॉक्टर संभल के बहजोई क्षेत्र कस्बा स्थित विनायक अस्पताल में काम करता है। पुलिस ने आरोपी डाॅक्टर के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है। सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार को “Dr Iqbal yahiya Vinayak hospital” नाम की फेसबुक आईडी/ सोशल मीडिया अकाउंट से प्रधानमंत्री की दो एडिटेड तस्वीर पोस्ट की गई। इसी की एक फोटो का व्हाट्सएप स्टेटस भी लगाई गई थी।


क्या था आरोप?


पुलिस के अनुसार एक फेसबुक/सोशल मीडिया अकाउंट से प्रधानमंत्री की तस्वीर को कुछ तरीकों से एडिट करके आपत्तिजनक तरीके से अपलोड किया गया था ताकि फोटो की मंशा को बदलकर गलत संदेश फैलाया जा सके। इसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।


जम्मू-कश्मीर का रहने वाला आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार


पुलिस ने आरोपित डॉ. इक़बाल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। प्रथम जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री फैलाने का मामला है। आरोपी डॉक्टर इकबाल मूल रूप से श्रीनगर के डार का रहने वाला है। वह साल 2023 से कस्बा बहजोई में रह रहा है। डॉक्टर इकबाल बहजोई के गांव मझोला निवासी डॉ. सूरजपाल के विनायक हॉस्पिटल में डॉक्टर है। आरोपी डॉक्टर ने MBBS की पढ़ाई चाइना से की है और फिलहाल, विनायक हॉस्पिटल में ही ऊपरी मंजिल पर रहता है। कुछ महीने से डॉक्टर इकबाल की पत्नी भी यहां आई हुई है।

आरोपी के मोबाइल/डिवाइस तथा डिजिटल सबूत जब्त


पुलिस ने आरोपी के मोबाइल/डिवाइस तथा डिजिटल सबूत जब्त कर लिए हैं और आगे की जांच जारी है। आईटी एक्ट एवं आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

पुलिस का आधिकारिक बयान
संभल पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट से जवाब दिया गया:
“प्रकरण में थाना बहजोई पुलिस द्वारा जांच कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।”


प्रशासन का बयान


पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील या अपमानजनक सामग्री को साझा करना संविधान एवं कानून के विरुद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदेश को न बढ़ाएँ और अफवाहों से बचें।


आपत्तिजनक पोस्ट फैलने के बाद माहौल


मामले के वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई थी। पुलिस ने भी सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी थी और आरोपित की पहचान तथा स्थान ट्रेस कर तय समय में गिरफ्तारी कर ली। अधिकारीयों के मुताबिक जांच में पुख़्ता डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद गिरफ्तारी संभव हो पाई है।

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