Uttar Pradesh में land mafia के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए Advocate को 22 महीने लगे

उमेश लव, लव इंडिया, मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में भू- माफिया के खिलाफ खुद अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक अधिवक्ता को 22 महीने संघर्ष करना पड़ा तब कही रिपोर्ट दर्ज हुई। जी हां, यही कड़वा सच है। मुरादाबाद महानगर के सिविल लाइन थाना अंतर्गत बी-2/95 आशियाना द्वितीय निवासी महावीर प्रसाद मौर्य एडवोकेट हैं और सामाजिक संस्था अखिल भारतीय अंबेडकर युवक संघ के अध्यक्ष हैं।

बकौल महावीर प्रसाद मौर्य के- नितिश कुमार सिंह पुत्र महेंद्र पाल सिंह, महेंद्र पाल सिंह पुत्र नत्थूलाल, बलवंत सिंह पुत्र महेंद्र पाल सिंह निवासीगण 17, हिमगिरी कलोनी थाना सिविल लाइन, जगदीश पुत्र ननकू लाल निवासी ग्राम कीरतपुर धीरी थाना फरीदपुर जिला- बरेली हाल निवासी-नवावगंज थाना व जिला बरेली एवं नरेश पुत्र घनश्याम निवासी- ग्राम-डिडौरी थाना मझोला, मुरादाबाद चर्चित भू- अपराधी है तथा इनका पूरा एक गैंग है जिसका सरगना महेंद्र पाल सिंह है जोकि भू-माफिया घोषित एवं पुलिस विभाग से नौकरी से बर्खास्त है। इनमें नितिश कुमार अपने आप को अधिवक्ता बताता है तथा अपनी गाड़ी पर अधिवक्ता का मोनोग्राम लगाकर घूमता है। उपरोक्त लोगों के उत्पीड़न की वजह से अब तक कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इन लोगों का लंबा आपराधिक इतिहास है। चूंकि, उक्त लोगों के खिलाफ महावीर प्रसाद मौर्य ने तीन पीड़ित व्यक्तियों की पैरवी की है तभी से उक्त लोग महावीर प्रसाद मौर्य की जान के दुश्मन बन चुके हैं और। उक्त बार-बार झूठी शिकायते एवं झूठे मुकदमे दर्ज कराकर ब्लैकमेल कर रहे हैं।

बकौल महावीर प्रसाद मौर्य के उपरोक्त लोग धमकी देते हैं कि हम तेरा अधिवक्ता का रजिस्ट्रेशन निरस्त करा देंगे या तेरी हत्या कर देंगे और अगर तू बचना चाहता है तो हमें 15 लाख रुपए दे दे। घटना 30 मई 2023 की दोपहर करीब 12:30 बजे की है कि महावीर प्रसाद मौर्य अपने किसी कार्य से सीजीएम कोर्ट में गए थे तथा जैसे ही कोर्ट के बाहर आए तो वहां पहले से मौजूद उपरोक्त लोगों ने रोका और अभद्रता करने लगे। विरोध करने पर उपरोक्त लोगो ने मारपीट एवं गाली गलोच की तथा जान से मारने की धमकी दी और कहा कि तू अभी हमें जानता नहीं है, हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है और तू हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा, अगर जिंदा रहना चाहता है तो 15 लाख रुपए हमें दे दे वरना तेरी लाश किसी दिन सड़क किनारे पड़ी मिलेगी।

इस घटना को अनेक लोगों ने देखा व सुना है तथा कुछ लोग नितिश कुमार को पकड़कर बार में ले गए। बार से उसे पुलिस के हवाले कर दिया बाकी लोग मौका पाकर फरार हो गये थे। घटना की सूचना थाना सिविल लाइंस पुलिस को दी परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। तत्पश्चात 06 जून 2023 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष महावीर प्रसाद मौर्य स्वयं उपस्थित हुए और प्रार्थना पत्र दिया जिस पर थाना सिविल लाइन को मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही करने हेतु आदेश पारित किये परन्तु थाना सिविल लाइन द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

इस पर विवश होकर महावीर प्रसाद मौर्य ने 3 फरवरी 2024, 24 अप्रैल 2024 एवं 18 सितंबर 2024 को फिर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद को स्वयं उपस्थित होकर एवं 04 अक्टूबर 2024 को रजिस्टर्ड पत्र द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक मुरादाबाद को प्रार्थना पत्र दिए। इसके वावजूद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इस पर मजबूर होकर महावीर प्रसाद मौर्य न्यायालय की शरण में गए और न्याय की गुहार लगाई। इसका अदालत में पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए तब कहीं जाकर अब सिविल लाइन थाने में अधिवक्ता महावीर प्रसाद मौर्य की रिपोर्ट दर्ज हुई है।

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