Guru Purnima : गुरु बिन भव निधि तरे न कोई : बाबा संजीव आकांक्षी


लव इंडिया, मुरादाबाद. गुरु पूर्णिमा के अवसर पर स्वामी नारदानंद ऋषि आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्यता पूर्वक मनाया गया. प्रातः आदि जगदाचार्य स्वामी नारदानंद महाराज, स्वामी विवेकानंद महाराज एवं स्वामी सर्वदानंद जी महाराज Adi Jagadacharya Swami Nardananda Maharaj, Swami Vivekananda Maharaj and Swami Sarvananda Ji Maharaj प्रतिमाओं का अभिषेक किया गया.

गुरु की कृपा के बिना इस भवसागर से पार होना किसी भी मनुष्य के वश में नहीं

अभिषेक एवं मंगल पूजन बाबा संजीव आकांक्षी baba sanjeev akanskhi द्वारा संपन्न हुआ. तदोपरांत भजन- उपदेश में आश्रम के अध्यक्ष बाबा संजीव आकांक्षी ने कहा की “गुरु बिन भव निधि तरे न कोई।
गुरु की कृपा के बिना इस भवसागर से पार होना किसी भी मनुष्य के वश में नहीं है, गुरु में ही वह क्षमताएं हैं कि वह अपने शिष्य को समझता है, शिष्य की क्षमताओं को समझता है, शिष्य के समर्पण, शिष्य की भावना एवं शिष्य के अंतःकरण की शांति को समझकर गुरु ही अपने शिष्य को इस भवसागर से पर लगने का मध्यम मार्ग और कारण समझता है.

शिक्षा केवल और केवल गुरु की कृपा से ही प्राप्त होती

इस पूरे विश्व World में ऐसा कोई नहीं हुआ जो गुरु की कृपा के बिना इस जीवन में उन्नति की ओर अग्रसर हो सके.
स्वयं भगवान श्री राम को, भगवान श्री कृष्ण को भी गुरु की शरण में जाना ही पड़ा। आध्यात्मिक उन्नति, जीवन में उत्कर्ष और सांसारिक विषय भोगों से अपने आप को विरत रहने की शिक्षा केवल और केवल गुरु की कृपा से ही प्राप्त होती है.

पृथ्वी को आतंक विहीन किया

भगवान राम तो स्वयं अवतारी जीवन में थे, स्वयं भगवान विष्णु ही भगवान राम के रूप में थे, क्योंकि स्वयं भगवान राम मानव के जीवन की लीलाओं में थे अतः संसार को शिक्षा देने के लिए, अपने जीवन को बेहतर करने के लिए, उन्हें भी गुरु की शरण में ही जाना पड़ा, उन्हें भी गुरु की कृपा से ही ऐसी असीम शक्तियां प्राप्त हुई, अमोघ अस्त्र प्राप्त हुए, जिन अस्त्रों के माध्यम से जिन शक्तियों के माध्यम से उन्होंने उसे काल के सबसे शक्तिशाली दशानन लंकेश Dashanan Lankesh का वध कर पृथ्वी को आतंक विहीन किया.

गुरु की कृपा के बिना आध्यात्मिक का मार्ग ठीक ऐसा ही


गुरु की कृपा के बिना आध्यात्मिक का मार्ग ठीक ऐसा ही है जैसे आप किसी वाहन में चालक के रूप में बैठे हैं और उसका स्टेरिंग आपके कहने में नहीं चलता हो, जिस वाहन की गति तो है लेकिन वह आपके निर्देश पर नहीं चल रहा. ठीक ऐसे ही गुरु की कृपा के बिना मनुष्य का जीवन है।

कार्यक्रम में श्री मुन्ना गुरु, प्रेमनाथ यादव, माया देवी, नीरज मित्तल, अशोक गुप्ता, प्रशांत अग्रवाल, प्रमोद रस्तोगी, पंकज शर्मा, सरोज देवी, सतीश अग्रवाल, शोभा चौहान, कविता चौहान, वर्तिका शर्मा, राखी शर्मा आदि मौजूद रहे.

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