TMU की Crossroads में Timit की टीम विजेता

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट-सीटीएलडी की ओर से क्रॉसरोड्स 4.0 में 156 स्टुडेंट्स रहे प्रतियोगी


लव इंडिया, मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के सेंटर फॉर टीचिंग, लर्निंग एंड डवलपमेंट-सीटीएलडी की ओर से क्रॉसरोड्स 4.0 में टिमिट बीबीए के स्टुडेंट्स- श्रृष्टि, हीरा कुमारी और दिव्यांशु की टीम- द एलकेमिस्ट विजेता रही।

बीटेक, बीफार्मा और बीटेक- एआई स्टुडेंट्स की टीम बिज ब्रेन्स सेकेंड

बीटेक- एफओई के अंश शर्मा, बीफार्मा के वैभव डंगवाल और बीटेक-एआई, सीसीएसआईटी की गोहिल्या प्रांजल प्रतीक की टीम- बिज ब्रेन्स ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।

एचएमपी वॉरियर और शार्क टीमें बराबर अंक पर रहीं तीसरे स्थान पर

डी फार्मा के हितेश भारद्वाज, प्रगुण गुप्ता और मुस्कान की टीम- एचएमपी वॉरियर और बीटेक- सीसीएसआईटी के तनु जैन, मनीष यादव और भूमिका जैन की टीम- शार्क ने बराबर अंक हासिल किए और संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं।

निर्णायक मंडल में प्रो. एसपी सुभाषिनी और डॉ. नेहा आनंद रहीं शामिल

विजेता टीमों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति, तार्किक सोच और समस्या समाधान कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इससे पूर्व टीएमयू की डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने बतौर मुख्य अतिथि, सीटीएलडी के डायरेक्टर प्रो. पंकज कुमार सिंह आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके क्रॉसरोड्स 4.0 का फार्मेसी कॉलेज के एलटी में शुभारंभ किया। क्रॉसरोड्स 4.0 के निर्णायकों में नर्सिंग की डीन प्रो. एसपी सुभाषिनी और असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. नेहा आनंद शामिल रहीं।

क्रॉसरोड्स से वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से रूबरू: प्रो. मंजुला जैन

डीन एकेडमिक्स प्रो. मंजुला जैन ने कहा, आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक सोच और निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक है। क्रॉसरोड्स जैसी प्रतियोगिताएं स्टुडेंट्स को वास्तविक दुनिया की व्यावसायिक चुनौतियों से परिचित कराने के संग-संग उन्हें नवाचार एवम् समस्या-समाधान में दक्ष बनाती हैं।

प्रो. पंकज सिंह बोले, क्रॉसरोड्स उद्यमशीलता को निखारने का अवसर

प्रो. पंकज कुमार ने कहा, क्रॉसरोड्स जैसे कार्यक्रम छात्रों की उद्यमशीलता को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं। क्रॉसरोड्स 4.0 न केवल एक प्रतिस्पर्धा है, बल्कि छात्रों के लिए सीखने का एक उत्कृष्ट अवसर है।

समस्या-समाधान दृष्टिकोण के आधार पर किया गया

उल्लेखनीय है, क्रॉसरोड्स 4.0 प्रतियोगिता में 52 टीमों ने पंजीकरण कराया, जिनमें प्रत्येक टीम में तीन छात्र शामिल थे। प्री और सेमीफाइनल के बाद शीर्ष 9 चयनित टीमों ने विभिन्न व्यावसायिक मुद्दों पर अपने-अपने समाधान प्रस्तुत किए, जिनका मूल्यांकन संचार कौशल, प्रस्तुति क्षमता, निर्णय की तर्क संगतता और समस्या-समाधान दृष्टिकोण के आधार पर किया गया। क्रॉसरोड्स 4.0 में कोर्डिनेटर्स- मणि सारस्वत, प्रांशी जादौन और सीटीएलडी ट्रेनर्स के संग-संग फार्मेसी के प्रिंसिपल प्रो. अनुराग वर्मा भी मौजूद रहे।

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