गुरु गोविंद सिंह महाराज के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन में भारतीय परंपरा और सिखों के अदभुत साहस की झलक दिखाई दी

मुरादाबाद। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा श्रीसिंह सभा, ताड़ीखाना चौक के तत्वावधान में शुक्रवार को नगर कीर्तन (शोभायात्रा) निकला।

नगर कीर्तन में भारतीय परंपरा के साथ-साथ सिक्ख समाज के अद्भुत साहस की झलक भी दिखाई दी। नगर कीर्तन में सबसे आगे पंच प्यारे चल रहे थे।

…और नगर कीर्तन के आस्था मार्ग की सिख समाज की महिलाएं आगे आगे झाड़ू लगाकर सड़क को साफ करते हुए चल रही थी। हार्ड कंप कंप देने वाली ठंड में यह महिलाएं नंगे पैरों थी।

नगर कीर्तन का आकर्षण सिख समाज की यह टोली भी रही जो परंपरागत तरीके से वाद्य यंत्रों से आस्था का सैलाब जग रही थी।

नगर कीर्तन में खालसा जूनियर हाई स्कूल चंद्र नगर की है नन्ही मुन्नी बालिकाएं भी परंपरागत सिख वेश में सभी का मन मोह रही थी।

नगर कीर्तन में बाज को हाथ पर लिए यह निहंग भी आकर्षण का केंद्र है।

ताड़ीखाना स्थित श्री गुरु सिंह सभा प्रांगण में स्थित गुरु नानक कन्या जूनियर हाई स्कूल कि यह बालिकाएं भी अपने आकर्षक नृत्य से सभी को भा रही थी।

पीले और पिंक ड्रेस पहने हुए डांडिया खेलती यह बालिका एन भी नगर कीर्तन में गुरु का संदेश दे रही थी।

विभिन्न मार्गो से गुजरती हुई नगर कीर्तन का महानगर में जगह-जगह स्वागत हुआ और इस मौके पर विभिन्न संगठनों ने प्रसाद का विवरण किया।

भले ही आधुनिकता के चक्कर में नई पीढ़ी अपनी पुरानी परंपराओं को भूल रही है लेकिन यह वाहेगुरु के सिख समाज के नई पीढ़ी के युवा अभी भी अपनी पुरानी परंपरा को नहीं छोड़ रहे। उपरोक्त छायाचित्र में आप देख सकते हैं की आमने-सामने के मुकाबले में यह युवा एक दूसरे को मार देने के लिए जमीन से कई फुट ऊंचे पहुंच गए।

नगर कीर्तन के इस प्रदर्शन ने सभी को चौंका दिया जमीन पर पड़ा यह सिख युवक और इसके चारों तरफ नारियल और इन्हें तोड़ता आंखों पर पट्टी बांधकर युवक।

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