एशियन पेंट्स कराया मगर 5 साल से पहले ही बदसूरत होने लगा आशियाना, 1.30 लाख का जुर्माना

India Uttar Pradesh अपराध-अपराधी टेक-नेट तेरी-मेरी कहानी शिक्षा-जॉब


उमेश लव, लव इंडिया, संभल। यह एक ऐसा मामला है, जिसमें दावे कुछ किए जाते हैं लेकिन होता विपरीत है। जी हां, यह मामला जुड़ा है एशियन पेंट्स से। उपभोक्ता ने अनुबंध किया। उन्हीं के डीलर से एशियन पेंट्स खरीदा। उन्हीं के कारीगर से पेंट्स कराया मगर वायदे के मुताबिक घर की खूबसूरती पांच साल तक रहना तो दूर कुछ माह में ही बदसूरत होने लगी। इस पर उपभोक्ता को ठगे जाने का एहसास हुआ और जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

चंदौसी निवासी प्रमोद कुमार ने अपने घर की रंगाई पुताई के लिए देश-विदेश की मानी जानी कंपनी एशियन पेंट्स लिमिटेड से अपने घर की रंगाई पुताई करने के लिए एक अनुबंध किया उसके अनुसार कंपनी ने उन्हें आश्वासन दिया था कि यह जो पेंट्स है वह हमारे कर्मचारियों द्वारा लगाया जाएगा और इसमें लगने वाली सभी सामान हमारी कंपनी का ही होगा जिसकी 5 वर्ष तक सही प्रकार रहने की गारंटी होगी कोई समस्या नहीं आएगी किसी प्रकार की कोई समस्या आने पर हम जिम्मेदार होंगे परंतु इसको हमारे अनुभवी कर्मचारियों द्वारा ही लगाया जाएगा और सारा पेंट्स एवं अन्य सामग्री हमारे कंपनी की ही लगानी होगी।

इसी आधार पर प्रमोद कुमार ने वहां के डीलर गुलजारी लाल महानंदा के द्वारा एशियन पेंट्स लिमिटेड से अपने घर की रंगाई पुताई के लिए अक्टूबर 2022 को माल खरीद कर लगाया एशियन पेंट्स ने इस बात का भी आश्वासन दिया था कि घर की दीवारों पर किसी प्रकार की कोई भी पपड़ी आदि नहीं उचलेगी प्रमोद कुमार द्वारा उसकी रंगा पुताई पर 49721 रुपए तथा मजदूरी ₹40000 व्यय किए गए दिसंबर 2022 में सभी दीवारों पर से पेंट्स उचलने लगा और सीलन दिखने लगी जिसकी शिकायत प्रमोद कुमार द्वारा एशियन पेंट्स कंपनी से की गई परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई।

इसके लिए उन्होंने अपने अधिवक्ता उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ लव मोहन वार्ष्णेय से संपर्क किया और एक नोटिस एशियन पेंट्स कंपनी को भेज कर कहा कि आपका अनुबंध के तहत प्रश्नगत पेंट्स का 5 साल नहीं चला है मात्र कुछ ही महीनों में खराब हो गया है परंतु कंपनी ने उसकी भी सुनवाई नहीं की जिस पर लव मोहन वार्ष्णेय एडवोकेट द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग में प्रमोद कुमार की ओर से परिवाद प्रस्तुत किया गया जहां कंपनी की ओर से अपना जवाब प्रस्तुत किया गया और कंपनी ने अपने बचाव पक्ष में बताया कि उक्त सामग्री नापतोल के अनुसार कंपनी का माल कम लगा है।

इस पर परिवादी के अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय जिला उपभोक्ता आयोग को अवगत कराया, क्योंकि पूरा अनुबंध कंपनी के द्वारा हुआ है। वह कंपनी के कर्मचारियों द्वारा ही माल को लाया एवम लगाया गया है ऐसी स्थिति में विपक्षी अपने बचाव में इस प्रकार का कोई भी अभी कथन नहीं कर सकती की माल कम लगाया गया है परिवादी द्वारा उनके बताए अनुसार माल को क्रय कर लगाया गया परंतु उनके द्वारा दी गई गारंटी के अनुसार प्रश्नगत रंगाई पुताई सही नहीं चली है जिस कारण उनको दंडित किया जाना आवश्यक है।

इस पर आयोग के अध्यक्ष व सदस्यगण ने अपना फैसला सुनाते हुए एशियाई पेंट्स कंपनी लिमिटेड को आदेश किया कि वह परिवादी के मकान की रंगाई पुताई में व्यय की गई धनराशि मुबलिग 99721रु उस पर परिवाद संस्थान की तिथि से 7% वार्षिक ब्याज सहित अंदर 2 माह में अदा करें इसके अलावा विपक्षी परिवादी को ₹25000 मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि की मद में तथा ₹5000 परिवाद व्यय की की मद में भी अदा करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *